
कांग्रेस विधायकों को मनाने दिल्ली पहुंचे सीएम चंपई सोरेन
झारखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की सरकार मुश्किल में आ गई है। कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद नहीं मिलने से कांग्रेस के 12 विधायक नाराज हैं। इनमें से नाराज 8 विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं, जिनमें अनूप सिंह, दीपिका पांडे, अंबा प्रसाद, राजेश कश्यप, नमन विक्सल कोंगाडी, उमा शंकर अकेला, इरफान अंसारी और सोना राम सिंकू हैं। ऐसे में अब झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी शनिवार देर शाम दिल्ली पहुंचे हैं। कांग्रेस के नाराज विधायकों को मनाने की कोशिश में दिल्ली आए हैं। मुख्यमंत्री अभी झारखंड भवन में हैं। मुख्यमंत्री आज यानी रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर सकते हैं।
विधानसभा में विरोधी दल के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि सरकार में कांग्रेस के सभी 12 विधायक मंत्री बनना चाहते हैं। भ्रष्टाचारी मुख्यमंत्री सलाखों के पीछे हैं। भ्रष्टाचारी सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी ऐसा मेरा मानना है। सरकार ज्यादा दिनों तक चलने वाली नहीं है। यहां एक अनार सौ बीमार वाली कहावत सिद्ध होती नजर आ रही है। सभी प्रदेश को लूटना चाहते हैं।
दरअसल, झारखंड में कांग्रेस के चार विधायकों को मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की सरकार में शामिल करने से नाराज पार्टी के 12 में से 8 विधायक शनिवार की शाम दिल्ली पहुंचे। कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने कहा, “हम दिल्ली पहुंच गए हैं। बाकी रविवार पहुंचेंगे। हम कांग्रेस नेतृत्व से चर्चा करेंगे। हम पार्टी के कोटे से बनाए गए चारों मंत्रियों को बदलना चाहते हैं। विधायक प्रदीप यादव और मंत्री बनाए गए चार विधायकों के अलावा बाकी सभी 12 विधायक साथ हैं।”
बेरमो से विधायक ने कहा कि कांग्रेस के 17 और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 29 विधायक हैं। जयमंगल ने मांग की, “झामुमो ने पहले ही मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का पद ले लिया है। उनके पास छह मंत्री पद हैं और हम शेष एक पद चाहते हैं। हम उस पर कोई समझौता नहीं करेंगे।” आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख को फिर से मंत्री पद देने के कांग्रेस के फैसले से नाखुश विधायक पहले रांची के एक होटल में एकत्र हुए। उन्हें मनाने के लिए सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सुप्रीमो शिबू सोरेन के सबसे छोटे बेटे और शुक्रवार को मंत्री बनाए गए बसंत सोरेन पहुंचे। विधायकों से मुलाकात के बाद बसंत सोरेन ने कहा, “भ्रम की कोई स्थिति नहीं है। हम सभी एकजुट हैं।”
वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजेश ठाकुर पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। दोनों अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस के कम से कम 12 विधायकों ने धमकी दी है कि अगर पार्टी के कोटे के मंत्री बनाए गए नेताओं को बदला नहीं गया तो वे 23 फरवरी से होने वाले आगामी विधानसभा सत्र का बहिष्कार करेंगे। झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास 81 सदस्यीय विधानसभा में 47 विधायक (झामुमो के 29, कांग्रेस के 17 और राजद का एक) हैं।
खिजरी से कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा, “जब झामुमो नए चेहरों को मौका दे सकती है, तो कांग्रेस क्यों नहीं? लोकतंत्र में कोई राजा नहीं होता है।” इस मामले पर 12 विधायकों का समूह पहले ही पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रमुख ठाकुर को हस्ताक्षर किया हुआ एक पत्र सौंप चुका है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपिका पांडे सिंह ने कहा, ”हम चाहते हैं कि पार्टी मंत्रियों को बदले और नए चेहरों को मौका दे।” मांडर से कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा टिर्की ने भी अपना असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “नए चेहरों को मौका क्यों नहीं दिया गया इसीलिए पूरी बगावत है। हम शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार करना चाहते थे, लेकिन हमारे प्रदेश प्रभारी ने वादा किया कि इस पर दिल्ली में उपयोगी चर्चा होगी।” ज्यादातर कांग्रेस विधायकों ने बन्ना गुप्ता के नाम पर आपत्ति जताई है। वह हाल में तब विवादों में आए थे जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्हें एक महिला के साथ फोन पर कथित रूप से “अश्लील” बातचीत करते सुना गया था। गुप्ता ने वीडियो को “फर्जी और संपादित” करार दिया था। राजेश ठाकुर ने कहा कि 12 कांग्रेस विधायकों की ओर से उठाए गए मुद्दों पर गौर किया जा रहा है।














