बांदा। पूरे प्रदेश में चल रहे दोषसिद्धि अभियान के तहत बांदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के कुशल मार्गदर्शन में पुराने मुकदमे में प्रभावी जांच और न्यायालय में मजबूत पैरवी से एक दरिंदे को सज़ा दिलाई गई है। मामला थाना मटौंध क्षेत्र का है। वर्ष 2019 में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 7/8 के तहत मुकदमा लिखा गया था। कस्बा मटौंध निवासी परसू पुत्र मतवा ने एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ व मारपीट की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले में थाना पुलिस ने गहराई से जांच की और न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखा। जिसका परिणाम आज देखने को मिला। न्यायालय ने आरोपी परसू पुत्र मतवा निवासी कस्बा व थाना मटौंध को दोषी मानते हुए तीन वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस सफलता में लोक अभियोजक रामसुफल सिंह, विवेचक उपनिरीक्षक सूरज कुमार पाण्डेय, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल नीतीश कुमार, महिला कांस्टेबल दीक्षा श्रीवास्तव और पैरोकार कांस्टेबल संदीप कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।सज़ा सुनाई के बाद पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य सिर्फ अपराधी को पकड़ना ही नहीं, बल्कि उसे सजा दिलाकर पीड़ित को न्याय दिलाना भी है। मासूम बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। हमारी टीमें पुराने से पुराने मामलों में भी साक्ष्य जुटाकर सजा दिलाने का काम कर रही हैं। यह सजा उन सभी अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि कानून के हाथ लंबे हैं।














