सुल्तानपुर में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ 2018 में कथित अपमानजनक बात कहने के आरोप में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर मानहानि का केस चल रहा है. इस केस में सोमवार, 26 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाएगा. 13 अक्टूबर को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो गई थीं. इसके बाद जज ने 26 अक्टूबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी. उत्तर प्रदेश की एक विशेष एमपी-एमएलए (सांसद-विधायक) कोर्ट इस मामले में 26 अक्टूबर को अपना अंतिम फैसला सुनाएगी. और अदालत ने राहुल गांधी को खुद कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है.भारतीय जनता पार्टी के नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ अदालत में एक मानहानि का केस दर्ज करवाया था. इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने साल 2018 में ही बेंगलुरु शहर के भीतर एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कुछ बेहद आपत्तिजनक और विवादित बातें कही थीं.
2023 में जारी किया गया था नोटिस
इस मामले को गहराई से देखने के बाद अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था. साथ ही उन्हें इस कानूनी मुकदमे का सामना करने के लिए व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने के लिए समन भेजा था. कोर्ट के इस आदेश का पालन करते हुए राहुल गांधी बाद में अदालत के सामने खुद पेश भी हुए थे, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें इस मामले में अदालत की तरफ से बेल दे दी गई थी.बाद में विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के आवाज के नमूने का मिलान कराने की अर्जी दी थी, जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया था. इसके खिलाफ दायर पुनरीक्षण याचिका को सत्र अदालत ने भी खारिज कर दिया. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी दोनों अदालतों के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी.















