मुजफ्फरनगर। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम और मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग की मासिक समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में हुई बैठक में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू), सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में पोक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी, कोटपा अधिनियम और मिशन शक्ति के तहत की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। इन्दु सिद्धार्थ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और बच्चों व महिलाओं के शोषण, जबरन काम कराने या भिक्षावृत्ति की जानकारी मिलने पर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए। बाल श्रम और भिक्षावृत्ति में मिले बच्चों की पहचान कर उनके सुरक्षित पुनर्वास के लिए पुलिस, श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
रेलवे परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर जीआरपी और आरपीएफ अधिकारियों से भी चर्चा हुई। लावारिस, गुमशुदा या संदिग्ध परिस्थितियों में मिले बच्चों के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अभियोजन अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।














