सड़कों पर आमतौर पर 10, 14 या 18 पहियों वाले ट्रक दिखाई देते हैं. लेकिन इस वक्त देश के हाइवे पर दौड़ रहा 308 पहियों का एक विशालकाय ट्रक हर किसी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.बेल्जियम से लाया गया 200 टन वजनी एक विशालकाय मशीन ‘इंडस्ट्रियल वेसल’ को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट में पहुंचाया जा रहा है. इस महाकाय वाहन को गुजारने के लिए कई शहरों में फुट ओवरब्रिज (FOB) तक को काटना पड़ रहा है. कुछ जगह पर सड़क तक को खोदकर रास्ता बनाने की नौबत आ गई. ये बाहुबली ट्रेक कहां-कहां पर रुकेगा? इसकी कितनी स्पीड है और टोटल खर्चे का हिसाब? क्या लेकर जा रहा है?
]यह विशालकाय वेसल यूरोप के बेल्जियम देश से समुद्री मार्ग से शिप के जरिए भारत लाया गया. भारत में इसे ओडिशा के पारादीप पोर्ट पर उतारा गया. पोर्ट से इसे 308 पहियों वाले हाइड्रोलिक ट्रेलर पर लोड किया गया और अब सड़क मार्ग से इसका डेस्टिनेशन उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के कुम्भी में स्थित बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट तक है.[/ans]
इस ट्रक का कहां-कहां स्टॉपेज है?
इस भारी-भरकम गाड़ी का कोई बस स्टॉप जैसा पड़ाव नहीं है. यहां पहले से तय स्टॉपेज नहीं हैं. इसका मेन ठहराव रास्ते में आने वाली फीजिकल और टेक्निकल बाधाएं हैं.जैसे वाराणसी के मोहनसराय से पास हाइवे पर बने फुट ओवरब्रिज की ऊंचाई कम होने की वजह से ट्रक की ऊपरी बॉडी टकरा रही थी, जिसके चलते वाहन को कई दिनों तक वाराणसी में रोकना पड़ा.
बिहार के औरंगाबाद के बारुण में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से निकालने के लिए बिजली सप्लाई बंद करने और कुछ समय के लिए रेलवे मूवमेंट रोका गया.जहां-जहां कम हाइट वाले फुट ओवरब्रिज या हाई-टेंशन बिजली के तार आ रहे हैं, वहां ट्रक को रोककर प्रशासन और तकनीक की टीम रास्ता साफ करती हैं.















