जमुई। जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ सरेराह हुई अभद्र घटना और उसका वीडियो प्रसारित होने के संवेदनशील मामले में पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है।मामले की संवेदनशीलता और जनआक्रोश को देखते हुए अब इसकी उच्चस्तरीय जांच अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की कमजोर वर्ग (वीकर सेक्शन) शाखा की विशेष टीम करेगी। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीआईडी की यह विशेष टीम जमुई पहुंच चुकी है और उसने मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।
मुख्यालय स्तर से भेजी गई यह विशेष टीम घटना से संबंधित सभी तकनीकी, कानूनी और व्यावहारिक बिंदुओं की बारीकी से जांच करेगी। टीम का मुख्य फोकस पीड़ित पक्ष के विस्तृत बयान दर्ज करने, घटनास्थल की भौतिक स्थिति का मुआयना करने, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि करने और नामजद व अज्ञात आरोपितों की आपराधिक पृष्ठभूमि की पड़ताल पर होगा।
अब तक की पुलिस कार्रवाई की होगी विस्तृत समीक्षा
सीआईडी की टीम स्थानीय पुलिस द्वारा अब तक की गई कानूनी कार्रवाई, आरोपितों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों और केस डायरी में दर्ज बयानों का गहन अध्ययन करेगी। जांच के दायरे में मामले से जुड़े अनुसंधानकर्ता (आईओ), संबंधित पुलिस पदाधिकारी और प्रत्यक्षदर्शी भी शामिल होंगे, जिनसे टीम अलग-अलग पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा, मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक साक्ष्यों के संकलन पर भी टीम का विशेष जोर रहेगा।
डीआईजी और एसपी को कड़े निर्देश, बढ़ी पुलिस की सक्रियता
पुलिस मुख्यालय ने इस पूरे प्रकरण की निगरानी का जिम्मा वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा है। मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पूरी संजीदगी और निष्पक्षता के साथ जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का स्पष्ट आदेश दिया गया है।मुख्यालय के सख्त रुख और सीआईडी की एंट्री के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। संदिग्ध ठिकानों पर दबिश और गश्ती की गति बढ़ा दी गई है। जानकारों का मानना है कि सीआईडी की कमजोर वर्ग विंग द्वारा सीधे कमान संभालने के बाद इस पूरे मामले की निष्पक्ष तस्वीर सामने आएगी और पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने में मदद मिलेगी।














