फ्लाईदुबई विमान को क्रैश कराने में नाकाम ओमानी पायलट की आखिरी गुहार

फ्लाईदुबई के विमान नंबर 1073 को क्रैश कराने की कोशिश करने वाले ओमानी मूल के पायलट को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. कॉकपिट में पायलट को काबू करने वाले जॉर्जिया के डेंटिस्ट के मुताबिक आखिरी वक्त में सह पायलट ने खुद को जान से मारने की गुहार लगाई. पायलट का कहना था कि आप लोग मुझे जिंदा मत छोड़ो.हालांकि, विमान की सेफ लैंडिंग के बाद उसे सऊदी के पुलिस अधिकारियों के हवाले कर दिया गया.ब्रिटिश अखबार डेली मेल से बात करते हुए विमान में सवार डेंटिस्ट शोता मूसायेव ने कहा- स्मित माछर ने जब कॉकपिट को खोला, तब कुछ लोग अंदर घुसे. लोगों ने ओमानी मूल के पायलट को पकड़ लिया. उसे बांध कर नीचे गिरा दिया. उस वक्त उसके चेहरे से खून निकल रहा था.मूसायेव का कहना है कि खुद को निसहाय अवस्था में देखकर उसने जान से मार देने की गुहार लगाई. उसका कहना था कि ये सबसे सही होगा. हालांकि, उसकी गुहार की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया.

सऊदी ने पूछताछ के बाद यूएई को सौंपा

इधर, सऊदी अरब ने पूछताछ के बाद ओमानी सह पायलट को यूएई को सौंप दिया है. अल जजीरा के मुताबिक सऊदी जांच अधिकारियों ने जो शुरुआती रिपोर्ट तैयार की, उसमें कहा गया है कि ओमानी मूल का सह पायलट अपने पायलट स्मित मच्छार के असॉल्ट करने से नाराज था.हालांकि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस थ्योरी को खारिज किया है. नेतन्याहू का कहना है कि ओमानी मूल का पायलट इस्लामी कट्टरपंथी था. हम जल्द ही जांच को लेकर फाइनल नतीजे पर पहुंच जाएंगे.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ओमानी मूल का सह पायलट ईरान से प्रभावित था. टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक 8 महीने पहले उसने फ्लाईदुबई जॉइन किया था. इसी वक्त ईरान पर अमेरिका ने हमला किया था.

पायलट के धार्मिक कट्टरपंथी होने का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक ओमानी मूल का पायलट इस्लाम धर्म से ताल्लुक रखता है. उसके एक सहयोगी ने इजराइली मीडिया को बताया कि काम के दौरान वो काफी कम बात करता था. ओमानी मूल का पायलट महिलाओं से हाथ तक नहीं मिलाता था, जो इस पेशे में एक आम प्रचलन है.रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टीम में मौजूद अन्य लोगों की तुलना में वह धार्मिक रूप से काफी कट्टरपंथी था.

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