‘धुरंधर 2’ की कॉपी नहीं, एक्शन फिल्मों की पहचान है शाहरुख खान की ‘किंग’ का पोस्टर.

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की आने वाली एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘किंग’ का पोस्टर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर एक अलग ही बवाल मच गया है. पोस्टर में शाहरुख खान ग्रे बाल, मुंह में लाल गुलाब, हाथ में पिस्टल और आग के शोलो के बीच से स्वैग के साथ आगे बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. लेकिन पोस्टर सामने आते ही इंटरनेट पर कुछ लोगों ने इसे आमिर खान की ‘धूम 3’, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ और यहां तक कि हॉन्ग कॉन्ग की एक्शन फिल्म ‘रेजिंग फायर’ की कॉपी बता डाला.लेकिन क्या वाकई यह पोस्टर किसी फिल्म की ‘सस्ती नकल’ है, या फिर सोशल मीडिया पर चल रहा यह ट्रोल ट्रेंड सिर्फ एक सतही सोच का नतीजा है? आइए सिनेमा के इतिहास और विजुअल्स के जरिए समझते हैं कि ये कॉपी क्यों नहीं है और यह एक्शन स्टाइल कितना पुराना और आम है.

सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि किसी एक्शन हीरो का आग, धुएं या धमाके के बीच से कैमरे की तरफ पैदल चलकर आना कोई नया फॉर्मूला नहीं है. यह हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड और साउथ सिनेमा तक का सबसे आइकॉनिक और पुराना विजुअल स्टाइल है. अगर हम इतिहास के पन्ने पलटकर देखें और हॉलीवुड और इंटरनेशनल सिनेमा की बात करें तो अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर की ‘टर्मिनेटर 2’, सिल्वेस्टर स्टेलोन की ‘रैंबो’, क्रिश्चियन बेल की ‘द डार्क नाइट’ और हॉन्ग कॉन्ग सिनेमा में डॉनी येन की ‘रेजिंग फायर (2021)’ (जहां डॉनी येन सूट-बूट में गन लिए आग के बीच से निकलते हैं) में हीरो को इसी तरह धमाकों और आग के बीच से निकलते हुए दिखाया गया है.

साउथ और रीजनल सिनेमा भी नहीं है पीछे

रजनीकांत की ‘दरबार (2020)’ में रजनी आग और टूटते कांच के बीच से चलकर आते हैं. गोपीचंद की ‘भीमा (2024)’ में खाकी वर्दी में हीरो जलती हुई इमारतों के बीच से निकलता है. यहां तक कि ‘रणबाली’ जैसी फिल्मों में भी आग की लपटों के बीच वॉरियर हीरो की वॉक दिखाई गई है. तो क्या ‘धूम 3’ या ‘धुरंधर 2‘ ने इस स्टाइल का आविष्कार किया था? बिल्कुल नहीं! ‘धुरंधर 2’ और ‘धूम 3’ से दशकों पहले हॉलीवुड और भारतीय सिनेमा में यह फ्रेम सैकड़ों बार इस्तेमाल हो चुका है.

‘किंग’ और ‘धुरंधर 2’में कितना बड़ा अंतर है?

जब हम शाहरुख खान की ‘किंग’ और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ के पोस्टर्स को आमने-सामने रखकर देखते हैं, तो दोनों के बीच जमीन-आसमान का फर्क साफ नजर आता है.कैरेक्टर लुक और लुक की वाइब: ‘किंग‘ में एसआरके का लुक एक रफ-एंड-टफ और खतरनाक डॉन का है- ग्रे बाल, दांतों के बीच दबा गुलाब का फूल और खुली हुई लेदर जैकेट जिससे खून से सना सीना दिख रहा है. वहीं ‘धुरंधर 2’ में हीरो का लुक एक डार्क, गॉथिक रिवेंज कैरेक्टर का है, जिसमें लंबी दाढ़ी, घने बाल और घुटनों तक लंबा ट्रेंच कोट है.

वेपन्स और प्रॉप्स: एसआरके के हाथ में एक स्लीक पिस्टल है, जबकि ‘धुरंधर 2’ में हीरो के दोनों हाथों में फ्लेमिंग स्वॉर्ड्स जैसी दिखने वाली जलती हुई मशाले हैं.बैकग्राउंड और माहौल: एसआरके के पीछे एक जलती हुई एयरक्राफ्ट टनल या प्लेन क्रैश का मलबा है जहां से आग की तेज लपटें निकल रही हैं, जबकि ‘धुरंधर 2’ में एक डार्क इंडस्ट्रियल वेयरहाउस (गोदाम) का सेटअप है.दोनों पोस्टर्स की टोन, कैरेक्टर की साइकोलॉजी और स्टाइलिंग एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं.

सोशल मीडिया का ‘कॉपी’ नरेटिव क्यों है खोखला?

आजकल सोशल मीडिया पर हर उस एक्शन पोस्टर को, जिसमें ‘आग’ या ‘हीरो वॉक’ हो, सीधे कॉपी बता देना एक ट्रेंड बन चुका है. लेकिन एक्शन सिनेमा की व्याकरण ही यही है कि हीरो का स्वैग, उसकी एंट्री और बैकग्राउंड में तबाही का मंजर. सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही ‘किंग’ (जो 24 दिसंबर 2026 को रिलीज होने वाली है) का पोस्टर शाहरुख खान को एक नए और घातक अवतार में पेश करता है. इसे किसी अन्य फिल्म की कॉपी कहना सिनेमा की बुनियादी समझ की अनदेखी करने जैसा है.

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