दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों पर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) का बड़ा खतरा मंडरा रहा है. आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) और भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस चक्रवात की रफ्तार उम्मीद से कहीं अधिक तेज हो चुकी है, जिसकी वजह से लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू रात लगभग 1 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो चुकी है. तूफान का बाहरी घेरा (आउटर स्पाइरल बैंड) पहले ही तटीय जमीन से टकरा चुका है.मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, ‘अर्नब’ पुडुचेरी के यनाम क्षेत्र के करीब, काकीनाडा और नरसपुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार कर रहा है. इस दौरान तटीय इलाकों में 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनकी गति बढ़कर 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
#WATCH | Yanam, Puducherry: Minister Malladi Krishna Rao visited Savitri Nagar, which was flooded after seawater inundated the village due to the impact of Cyclone Arnab. During the visit, he assessed the flood situation and interacted with the affected residents. https://t.co/FF0CrrQdER
— ANI (@ANI) October 27, 2026
समुद्र का पानी गांव में घुसा
इसके साथ ही समुद्र में 1 से 2 मीटर (करीब 3 से 4 फीट) ऊंची लहरों का स्टॉर्म सर्ज (ज्वार) उठ रहा है, जिससे यनाम के सावित्री नगर समेत कई निचले रिहाइशी इलाकों और राहत शिविरों में समंदर का पानी घुस गया है.पुडुचेरी के मंत्री मल्लादी कृष्ण राव ने यानम के सावित्री नगर का दौरा किया. चक्रवात ‘अर्नब’ के असर से समुद्र का पानी गांव में घुस गया, जिससे वहां बाढ़ आ गई थी. अपने दौरे के दौरान, उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित निवासियों से बातचीत की.
आंध्र और तमिलनाडु में मौसम का तांडव
तूफान के असर से आंध्र प्रदेश के साथ-साथ तमिलनाडु के भी कई हिस्सों में मौसम बेहद खराब हो चुका है. तमिलनाडु के एन्नोर तट और चेन्नई में समंदर में भयंकर उथल-पुथल देखी जा रही है. आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है. 27 अक्टूबर की सुबह से ही राज्य के 28 स्थानों पर अत्यधिक भारी और 133 जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा चुकी है.मौसम विभाग ने आंध्र के दर्जनों जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. सुरक्षा के मद्देनजर विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी हवाई अड्डों पर उड़ानों को पूरी तरह सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं 90 से अधिक ट्रेनें रद्द की गई हैं.
90,000 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है. सरकार ने तटीय इलाकों से लगभग 89,000 से 90,000 लोगों को सुरक्षित निकालकर करीब 290 राहत शिविरों में पहुंचाया है. प्रभावित जिलों में स्कूल-कॉलेजों को पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की दर्जनों टीमें तैनात हैं और सेना व नौसेना को भी अलर्ट पर रखा गया है.
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने की अपील
केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश सरकार नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठा रही है. वह स्वयं श्रीकाकुलम जिला प्रशासन के साथ निरंतर संपर्क में हैं. उन्होंने जनता से बेहद सतर्क रहने, सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है.मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंध्र को पार करने के बाद भी इस तूफान का असर कम नहीं होगा. इसके प्रभाव से ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है.















