धीरेंद्र शास्त्री पर भड़के अखिलेश यादव,

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान राम और कृष्ण की तुलना करते हुए राम को कृष्ण से श्रेष्ठ बताने पर उपजे विवाद में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी कूद पड़े हैं।धीरेंद्र शास्त्री ने हालांकि अपने बयान पर माफी मांगी है, लेकिन अखिलेश यादव ने कहा है कि ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी क्षमा नहीं किया जा सकता है।

आजीवन प्रतिबंध लगाया जाए

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि, ‘मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी नहीं। ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किए जाएं, नई अनुमति नहीं दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे। यही इनके अक्षम्य पाप का दंड होना चाहिए, नहीं तो वो भी ईशनिंदा के पाप का भागी बनकर अपना लोक-परलोक बिगाड़ लेगा।’

खुद को ईश्वर से ऊपर समझने लगे

अखिलेश यादव ने लिखा है कि, ‘अगर दुर्भावना से भरा ऐसा व्यक्ति जीवन भर भी एकांतवास करके अपने किए का पश्चाताप और प्रायश्चित करेगा तो भी कोई भी धर्म प्रधान आस्थावान उसे माफ़ नहीं करेगा। मनुष्य का दंभ इतना भी नहीं होना चाहिए कि वो अपने को ईश्वर से ऊपर समझने लगे। वैधानिक कार्रवाई हो।

‘हमारे राम सीधे हैं और तुम्हारे कृष्ण टेढ़े’

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा गांव में श्रीराम कथा के दौरान भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना की थी। धीरेंद्र शास्त्री ने राम कथा के दौरान कहा था कि, ‘हमारे राम सीधे हैं और तुम्हारे कृष्ण टेढ़े हैं। धाम भी सीधा है अयोध्या, तुम्हारे वाले का वृंदावन।’ उन्होंने यह भी कहा था कि, ‘बंसी बजाना तो खेल भी है, पर धनुष चलाना खेल नहीं है।’

वीडियो जारी करके माफी मांगी

धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान पर जब विवाद शुरू हो गया था तो उन्होंने इसके लिए माफी मांग ली। उन्होंने एक वीडियो जारी करके सफाई दी कि वे कृष्ण विरोधी नहीं हैं और उन्होंने यह बात केवल एक प्रेमपूर्ण भाव और विनोद में कही थी। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा कि यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वे इसके लिए क्षमा मांगते हैं।

अखिलेश ने राम-कृष्ण की तुलना को साजिश बताया

हालांकि धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान का विरोध तेज हो गया है। उनके बयान पर मथुरा-वृंदावन के संत, कृष्ण भक्त और अखिल भारतीय यादव महासभा ने कड़ी आपत्ति जताई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस तुलना को दुर्भाग्यपूर्ण और साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि, ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है कि कोई राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त लघु-बंधु बनकर घूम रहा व्यक्ति सनातन समाज की एकता को तोड़ने का अति निंदनीय कार्य कर रहा है। ये गहरी जांच का विषय है कि सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र कौन कर रहा है, क्या इसके पीछे कोई बाहरी शक्ति है या आंतरिक, इसकी पड़ताल अपरिहार्य है।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts