चीनी की बढ़ी कीमतों का लाभ गन्ना किसानों तक पहुंचना चाहिए : राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि, चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर के अनुसार, टिकैत ने किसानों को चीनी की बढ़ी कीमतों में उचित हिस्सेदारी देने की मांग की है। टिकैत ने कहा कि, हाल के हफ्तों में चीनी की कीमतें लगातार बढ़ी हैं, लेकिन गन्ने के खरीद मूल्य में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार और चीनी कारोबारियों से सवाल किया कि बाजार में चीनी के बढ़े दाम का लाभ किसानों को क्यों नहीं मिल रहा है।

व्यापारियों और बड़े स्टॉकधारकों पर लगाया आरोप

टिकैत ने आरोप लगाया कि, चीनी मिलों से बाहर निकलने के बाद चीनी की कीमतों में होने वाले बदलाव पर मुख्य रूप से व्यापारियों और बड़े स्टॉकधारकों का नियंत्रण रहता है। उनके अनुसार, चीनी की कीमत बढ़ने से मिलने वाली अतिरिक्त कमाई का बड़ा हिस्सा व्यापारियों और स्टॉक रखने वालों तक पहुंच रहा है, जबकि गन्ना किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। टिकैत ने सरकार से मांग की कि वह सुनिश्चित करे कि चीनी की बढ़ी कीमतों का उचित लाभ किसानों को मिले। उन्होंने यह भी कहा कि, चीनी की कीमतों में वृद्धि के आधार पर किसानों को उचित ब्याज का भुगतान किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि, क्या चीनी मिलों ने बाजार में बढ़ी कीमतों का लाभ किसानों तक पहुंचाया है। साथ ही उन्होंने सरकार से खाद्य क्षेत्र में बड़ी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव पर नजर रखने की मांग की।

एथेनॉल नीति पर भी उठाए सवाल

टिकैत ने एथेनॉल के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एथेनॉल से जुड़ी नीतियां किसानों के हितों की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उन दावों पर भी सवाल उठाया कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से वाहनों को नुकसान हो रहा है। टिकैत ने ऐसे दावों के समर्थन में ठोस सबूत मांगे और कहा कि यदि वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है तो इसके स्पष्ट प्रमाण सामने आने चाहिए। देश के कई बाजारों में चीनी की कीमतें करीब ₹40-45 प्रति किलोग्राम से बढ़कर लगभग ₹60 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई हैं। इससे उपभोक्ताओं के बीच भी चिंता बढ़ी है। अब जब नया गन्ना पेराई सीजन शुरू होने वाला है, टिकैत ने मांग की है कि, गन्ने के दाम बढ़ाए जाएं, ताकि चीनी की कीमतों में हुई वृद्धि का लाभ किसानों को भी मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का फायदा केवल व्यापारियों और स्टॉकधारकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गन्ना किसानों को भी उनकी उपज के लिए उचित और बढ़ा हुआ मूल्य मिलना चाहिए।

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