
चंडीगढ़ के मेयर मनोज सोनकर देने जा रहे इस्तीफा!
चंडीगढ़ में हाल ही में हुए मेयर के चुनाव को लेकर खूब हंगामा देखने को मिला था। अब सूत्रों से ये खबर सामने आ रही है कि चंडीगढ़ के नए मेयर मनोज सोनकर सुप्रीम कोर्ट की अगली तारीख से पहले अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस्तीफे की खबर ऐसे समय में आई है, जब तीन विपक्षी एमसी के भाजपा में शामिल होने की चर्चा है। इससे पहले यह खबर सामन आई थी कि चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लग सकता है। आम आदमी पार्टी के तीन पार्षद भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं। भाजपा ज्वाइन करने वालों में पूनम, नेहा मुसावत और गुरुचरण सिंह काला के नाम पर चर्चा तेज थी। ऐसे में अब चंडीगढ़ के मेयर मनोज सोनकर के इस्तीफे की खबर ने लोगों को चौंका दिया है।
राजनीतिक घमासान में चंडीगढ़ मेयर चुनाव
बता दें कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर लगातार राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी द्वारा भाजपा की जीत को फर्जी बताया जा रहा है। साथ ही इस चुनाव में धांधली की बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई अब भी जारी है। मेयर विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई होने जा रही है। बता दें कि भाजपा आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों को अपने साथ शामिल कर अपनी संख्या को यहां मजबूत करना चाहती है। ऐसा कहा जा रहा है कि भाजपा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले वर्तमान मेयर मनोज सोनकर का इस्तीफा दिलवा सकती है। ऐसा करके भाजपा खुद से दोबार मेयर चुनाव की पेशकश कर सकती है।
विपक्षी पार्षदों को साध रही भाजपा
ये भी कहा जा रहा है कि दोबारा मेयर का चुनाव होने पर भाजपा मनोज सोनकर को उम्मीदवार नहीं बनाने वाली है। सूत्रों की मानें तो भाजपा आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के कई पार्षदों से लगातार संपर्क में है, ताकि वहां से भी पार्षदों को भाजपा में शामिल कराया जा सके। बता दें कि सोमवार को मेयर चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। इससे पहले भाजपा अन्य विपक्षी दलों के पार्षदों को भाजपा में शामिल करा सकती है। वर्तमान में आम आदमी पार्टी के जिन पार्षदों को भाजपा खुद में शामिल करना चाहती है, उनमें दो महिला पार्षदों के शामिल होने की भी चर्चा है।















