बांदा जिले में बालू-मोरम माफियाओं पर अब प्रशासन का हंटर चलने वाला है। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में टास्क फोर्स की बैठक में साफ शब्दों में कह दिया -अवैध खनन, ओवरलोडिंग और परिवहन पर जीरो टॉलरेंस चाहिए। पिछले साल से कम गाड़ियां पकड़ी तो अफसरों की जवाबदेही तय होगी। बैठक में डीएम ने टास्क फोर्स को निर्देश दिया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जितने वाहन अवैध खनन में पकड़े गए थे, इस वर्ष 2026-27 में उससे एक भी कम नहीं होने चाहिए। साथ ही 233 वाहनों का जो बैकलॉग पेंडिंग पड़ा है, उसे हर हाल में तुरंत निपटाया जाए। डीएम ने सभी चारों तहसीलों – बबेरू, नरैनी, सदर, पैलानी के एसडीएम को चेतावनी दी कि मानसून खत्म हो गया है, अब सभी खनन पट्टों पर पैनी नजर रखो। नदी की जलधारा और नदी तल की मुख्य धारा में अगर एक भी पोकलैंड चली तो संबंधित एसडीएम जिम्मेदार होगा। ओवरलोडिंग करने वाले ट्रकों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए।बैठक में बड़ा खुलासा हुआ।
एसडीएम नरैनी और खान अधिकारी ने बताया कि नरैनी और करतल थाना क्षेत्र में नदी से स्थानीय ग्रामीण खुलेआम बालू लूट रहे हैं। कनवारा, अछरौड़, उजरेहटा, भवानीपुरवा, लड़ाकापुरवा (राजघाट) में रात के अंधेरे में ट्रैक्टर-ट्रालियों से बालू-मोरम की चोरी हो रही है। इस पर डीएम ने तुरंत एक्शन लेते हुए एसडीएम बांदा और टास्क फोर्स को इन सभी 7 हॉटस्पॉट पर छापा मारकर माफियाओं पर एफआईआर करने और अगली बैठक में पूरी रिपोर्ट लाने का आदेश दिया। डीएम ने यह भी कहा कि जिन भंडारण लाइसेंसधारियों के पास स्टॉक में बालू-मोरम बचा होने का दावा है, उसकी खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम 10 दिन में नाप-जोख करेगी। अगर स्टॉक में हेराफेरी मिली तो लाइसेंस निरस्त होगा। बैठक में एसपी बांदा ने भी सभी थाना प्रभारियों को डीएम के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया।















