बांदा। पुलिस सिर्फ लाठी-डंडा और अपराधी पकड़ने के लिए नहीं होती, बल्कि बिखरते परिवारों को जोड़ने का भी काम करती है। इसका मिसाल पेश किया है बांदा पुलिस के परिवार परामर्श केंद्र ने। एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में चल रहे प्रयासों के तहत एक और परिवार टूटने से बच गया।थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के रहने वाले शाहिद पुत्र शौकत ने एसपी बांदा को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर अपने पारिवारिक विवाद की जानकारी दी थी। मामला पति-पत्नी के आपसी झगड़े और मतभेद का था, जो धीरे-धीरे परिवार टूटने की कगार पर पहुंच गया था।एसपी के निर्देश पर परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने तुरंत दोनों पक्षों को सुना। शिकायत को विस्तार से समझने के बाद द्वितीय पक्ष से संपर्क कर उन्हें परामर्श केंद्र बुलाया गया। केंद्र में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर प्यार से समझाया गया। पुलिस की काउंसलिंग और समाजसेवियों के समझाने का असर हुआ कि दोनों ने अपनी गलती मानी और भविष्य में लड़ाई-झगड़ा न करने तथा पारिवारिक कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने का वादा किया। सुलह होने पर टीम ने दोनों को सामंजस्य बिठाकर रहने और परिवार की जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाने की सलाह दी। इस तरह एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ने से बच गया।
एसपी ने परिवार परामर्श केंद्र निरीक्षक अखिलेश प्रताप सिंह, काउंसलर प्रदीप कुमार तिवारी,उर्दू अनुवादक सगीर अहमद, म0हे0कां0 शिवकली म0कां0 साक्षी, म0कां0 स्नेहलता की सराहना की।















