मुजफ्फरनगर। पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की 95वीं जयंती के अवसर पर वीपी सिंह विचार मंच के तत्वावधान में शहर स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके राजनीतिक जीवन, ईमानदारी और सामाजिक न्याय के प्रति योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजपूत महासभा मुजफ्फरनगर के जिलाध्यक्ष ठाकुर राजेंद्र सिंह पुंडीर ने की।
इस अवसर पर आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह, मजदूर किसान यूनियन पार्टी के अध्यक्ष सुकरामपाल कश्यप, जल सिंह फौजी, सुरेंद्र शर्मा, दिनेश कुमार, रामपाल, श्याम सिंह, हरिओम सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि विश्वनाथ प्रताप सिंह भारतीय राजनीति में ईमानदारी, पारदर्शिता और सामाजिक न्याय के प्रतीक थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा गरीबों, वंचितों, पिछड़ों और दलितों के अधिकारों की आवाज बुलंद की।मास्टर विजय सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह सामाजिक न्याय के प्रखर प्रहरी थे। उन्होंने देश के पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए। वहीं राजेंद्र सिंह पुंडीर ने कहा कि आज के नेताओं को वीपी सिंह के आदर्शों से प्रेरणा लेकर गरीबों, वंचितों, पिछड़ों और दलितों के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और नैतिकता का जो उदाहरण वीपी सिंह ने प्रस्तुत किया, वह आज भी प्रासंगिक है।
वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री रहते हुए वीपी सिंह ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कर पिछड़े वर्गों को सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, जिससे सामाजिक न्याय को नई दिशा मिली। इसके अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने जनहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई और साफ-सुथरी राजनीतिक छवि उन्हें देश के सबसे सम्मानित नेताओं में शामिल करती है।
गोष्ठी में वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए उन्होंने अपनी भूमि का बड़ा हिस्सा जरूरतमंद लोगों को दान किया था। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों को अपनाने और सामाजिक समरसता तथा न्याय की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
























































