ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) पर किसी भी मिसाइल या ड्रोन हमले को अंजाम देने से साफ इनकार किया है. ईरानी सरकारी मीडिया Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) के मुताबिक, ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर (Khatam al-Anbiya Central Headquarters) के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर खाड़ी देश ईरान के खिलाफ कोई कार्रवाई करता है तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा.ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय (Khatam al-Anbiya Central Headquarters) के प्रवक्ता ने कहा कि अगर कोई सैन्य ऑपरेशन होता तो उसे स्पष्ट और आधिकारिक रूप से घोषित किया जाता. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की गई है.
🚨 BREAKING
Iran’s Central Military Headquarters: No military action has been taken against the UAE in recent days, and the UAE Defense Ministry’s statement is false.— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) May 5, 2026
यूएई को ईरान की चेतावनी
ईरानी प्रवक्ता ने यूएई के रक्षा मंत्रालय द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिया. उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय का बयान झूठा है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूएई की जमीन से ईरान के खिलाफ कोई हमला किया जाता है, तो तेहरान की प्रतिक्रिया निर्णायक और पछतावा कराने वाली होगी.
तेहरान का आरोप
ईरान ने यूएई पर आरोप लगाया कि वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल अमेरिका और इजराइल जैसे देशों को करने दे रहा है. ईरान ने अमीराती नेतृत्व से अपील की कि वह अपने देश को शत्रुतापूर्ण ताकतों का अड्डा बनने से रोकें.
यूएई में लगातार दूसरे दिन हमले
यह चेतावनी खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आई है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाकर लगातार दूसरे दिन किए गए हमलों की खबरें भी शामिल हैं. यूएई को लगातार दूसरे दिन ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा, जबकि अमेरिका द्वारा युद्धविराम की घोषणा के बाद से चार सप्ताह तक अपेक्षाकृत शांति बनी रही थी.
दूसरी तरफ यूएई के अधिकारियों का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन के कई हमलों को रोका.जिनमें से एक हमले में फुजैरा ऑयल इंडस्ट्री जोन में भीषण आग लग गई थी. इन घटनाओं ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है.
28 फरवरी के हमलों के बाद बढ़ा तनाव
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से मीडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़े हैं. क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान ने भी कार्रवाई की, जिससे Strait of Hormuz जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर असर पड़ा.
सीजफायर और असफल वार्ता
8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया था, लेकिन इस्लामाबाद में हुई वार्ता स्थायी समझौते तक नहीं पहुंच सकी. बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस युद्धविराम को बिना समयसीमा के बढ़ा दिया था. इस बीच 13 अप्रैल से अमेरिका ने Strait of Hormuz में ईरानी समुद्री गतिविधियों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है, जिससे हालात और जटिल हो गए हैं.















