कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने महाराष्ट्र चुनाव में महाविकास अघाड़ी की हार के बाद भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था. उसके साथ वह बिहार में SIR और लोकसभा चुनाव में वोट चोरी के आरोप को लेकर वह चुनाव आयोग पर लगातार हमला बोल रहे हैं. रविवार को चुनाव आयोग की फुल बेंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार में SIR, लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र चुनाव में धांधली के सभी आरोपों का खुलकर जवाब दिया.उन्होंने कहा किचुनाव हुए आठ महीने हो गए हैं… ये भी पूछा गया था कि आखिरी एक घंटे में इतनी वोटिंग कैसे हुई? चुनाव आयोग ने जवाब दिया था कि अगर 10 घंटे वोटिंग होती है, तो औसत हर घंटे 10% होता है. बता दें कि राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और चुनाव आयोग पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था.
बंगाल में कब से शुरू होगा SIR? चुनाव आयोग ने बताया
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के बारे में उचित समय पर निर्णय लेगा.कुमार ने रविवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संभावना के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की.ज्ञानेश कुमार ने कहा, “हम तीनों (चुनाव) आयुक्त उचित समय पर निर्णय लेंगे और पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों में एसआईआर कब कराना है, इस पर निर्णय लेंगे. इसकी घोषणा उचित समय पर की जाएगी.”
तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में SIR का किया है विरोध
इससे पहले जुलाई में, निर्वाचन आयोग ने पड़ोसी राज्य बिहार में इस तरह की एक नई कवायद की आशंकाओं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के बीच, पश्चिम बंगाल में 2002 में आखिरी बार कराए गए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के आंकड़े जारी किए थे.पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने बिहार में एसआईआर की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को चोरी-छिपे लागू करने की एक चाल है.21 जुलाई को ममता बनर्जी ने कसम खाई थी कि वह बंगाल में एसआईआर की अनुमति नहीं देंगी. उन्होंने बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से न काटे जाएं और लोगों को परेशान न किया जाए. पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं, उससे पहले SIR को तृणमूल कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है.महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली के आरोप पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आरोप लगाए गए थे कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई है. जब ड्राफ्ट सूची थी, तो दावे और आपत्तियां समय पर क्यों नहीं जमा की गईं? आज तक महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी को एक भी मतदाता का नाम सबूत के साथ नहीं मिला है.















