संसद ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पारित कर दिया है, जिससे विपक्षी दलों में तीखी नाराजगी देखने को मिल रही है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और मुस्लिम संगठन सुप्रभातम ने इस दौरान प्रियंका गांधी की बहस से अनुपस्थिति पर तीखा विरोध दर्ज कराया है। वहीं, राहुल गांधी की चुप्पी पर भी राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने विधेयक को असंवैधानिक करार देते हुए इसका विरोध किया है। विपक्षी गठबंधन ने विधेयक के खिलाफ संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने इसे पारित करा लिया। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों से जुड़े अधिकारों और प्रावधानों में महत्वपूर्ण बदलाव लाता है, जिस पर अल्पसंख्यक समुदायों और सामाजिक संगठनों ने चिंता व्यक्त की है।
कांग्रेस सांसद ने वक्फ बिल को बताया असंवैधानिक
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने वक्फ विधेयक को असंवैधानिक और अनुचित बताया. उन्होंने कहा कि “हम मानते हैं कि यह एक संवैधानिक समस्या है और यह विधेयक असंवैधानिक और अनुचित है. यह लक्षित कानून है. दोनों सदनों में बहस बहुत अच्छी रही. हम सरकार से असहमत थे. यह जानते हुए भी कि आने वाले दिनों में विधेयक के साथ कई मुद्दे होंगे, सरकार इसे पारित करने पर अडिग थी. विपक्ष ने एकजुट होकर लड़ाई लड़ी.
वक्फ संशोधन विधेयक 2024 हुआ पारित
संसद ने गहमागहमी भरी लगातार बहस के बाद शुक्रवार की सुबह वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पारित कर दिया. विधेयक पारित करने के लिए राज्यसभा आधी रात से ज्यादा तक चलती रही. सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि हां में 128 और नहीं में 95, अनुपस्थित शून्य के साथ यह विधेयक पारित हो गया है.
क्या है वक्फ विधेयक 2025 का उद्देश्य
इस विधेयक का उद्देश्य 1995 के अधिनियम में संशोधन करके भारत में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन में सुधार करना है. इस विधेयक का उद्देश्य पिछले अधिनियम की कमियों को दूर करना और वक्फ बोर्डों की कार्यकुशलता को बढ़ाना, पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार करना और वक्फ रिकॉर्ड के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की भूमिका को बढ़ाना है.















