बागपत। चुनाव में नेताओं की अपील खासी अहमियत रखती है। मतदाता को कब कौनसी बात पसंद आ जाए और कौनसी बात उसका मन बदल दे, कह पाना मुश्किल है। मतदाताओं के आह्वान के लिए अक्सर स्टार प्रचारकों का सहारा लिया जाता है।वह कोई कलाकार हो सकता है, पार्टी का बड़ा चेहरा या बड़े नेता के परिवार का सदस्य।ऐसी ही एक स्टार प्रचारक हैं राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी। पिछले चुनावों में खासी सक्रिय रहीं चारू इस बार प्रचार के लिए नहीं निकली हैं। समर्थक उनका इंतजार कर रहे हैं।
कार्यकर्ताओं ने की कार्यक्रम की मांग
रालोद कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व से उनके कार्यक्रम की मांग भी की है। चारू चौधरी पेशे से फैशन डिजाइनर हैं। जयंत से उनका विवाह वर्ष 2003 में हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं। जेपीडीसी दिल्ली और अमेरिका से पढ़ाई कर चुकी हैं। चारू अब तक चुनावी राजनीति से दूर रही हैं, लेकिन प्रचार के दौरान सक्रिय दिखती हैं।2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने पार्टी प्रत्याशियों के लिए वोट मांगे थे। गत लोकसभा में जब पति जयंत बागपत और ससुर अजित सिंह मुजफ्फरनगर से चुनाव लड़े तब चारू ने प्रचार किया था। वे रैली के साथ रोड शो और डोर-टू-डोर प्रचार में भी शामिल रही थीं।
बागपत सीट से चुनाव लड़ने पर लगाए जा रहे थे कयास
वर्तमान लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले उनके बागपत सीट से चुनाव लड़ने के कयास भी लगाए जा रहे थे। हालांकि तब जयंत से यह सवाल किया गया था तो उन्होंने स्पष्ट कहा था कि चारू का चुनाव लड़ने का कोई मन नहीं है।सिरसली गांव के पूर्व प्रधान राजू तोमर कहते हैं कि चारू चौधरी को बागपत के लोग अपनी पुत्रवधू के रूप में देखते हैं। महिलाओं में उनकी खासी लोकप्रियता है। इस बार भी आएंगी तो इससे पार्टी को लाभ होगा।
बता दें कि बागपत में दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा। इससे पहले बिजनौर में 19 अप्रैल को मतदान है, जहां से चंदन चौहान पार्टी के प्रत्याशी हैं। वहीं, रालोद जिलाध्यक्ष रामपाल धामा ने कहा कि चारू चौधरी के बागपत में प्रचार के लिए अभी कोई योजना नहीं है। शीर्ष नेतृत्व जो तय करेगा उसका पालन किया जाएगा।















