मुजफ्फरनगर के पुरकाजी क्षेत्र में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने मोर्चा खोल दिया है। भाकियू के प्रदेश महासचिव एवं नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों और संगठन कार्यकर्ताओं ने बिजलीघर का घेराव करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग की लचर आपूर्ति व्यवस्था, अघोषित कटौती, जर्जर तारों, ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों और कर्मचारियों की लापरवाही को लेकर तीखा विरोध दर्ज कराया।धरने में मौजूद लोगों ने बताया कि क्षेत्र में बीते कई दिनों से घंटों बिजली की अघोषित कटौती हो रही है। इससे आमजन, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। न तो घरेलू काम सुचारु रूप से हो पा रहे हैं और न ही दुकानदार और व्यवसायी अपने कामकाज को समय पर निपटा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की समस्या अब असहनीय हो चुकी है, और विभाग कोई समाधान नहीं कर रहा।प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग से पांच मुख्य मांगें रखीं – गलियों में झूलते जर्जर तारों को बदला जाए, पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए, बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराई जाए, कार्यशैली में पारदर्शिता लाई जाए और ड्यूटी पर लापरवाही बरतने वाले जेई और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।धरना उस समय और उग्र हो गया जब ग्रामीणों ने देखा कि बिजलीघर में एसडीओ, जेई समेत पूरा स्टाफ मौजूद नहीं था और कार्यालयों पर ताले लटके हुए थे। इससे आक्रोशित लोगों ने जोरदार नारेबाजी की और विभागीय लापरवाही पर सख्त ऐतराज जताया।जहीर फारूकी ने चेतावनी दी कि जब तक विभाग जनता की बात नहीं सुनेगा और समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक यह धरना जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बिजली की लड़ाई नहीं, बल्कि जनता के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का आंदोलन है। स्थानीय नागरिकों ने भी एकजुट होकर आंदोलन को समर्थन दिया और कहा कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे, यह संघर्ष आवश्यक हो गया है ताकि बिजली विभाग की मनमानी पर लगाम लग सके।















