लखनऊ:उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगवाने वाले लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है। पावर कॉरपोरेशन ने अपनी नीतियों में बड़ा बदलाव करते हुए उपभोक्ताओं को रिचार्ज खत्म होने के बाद भी बिजली आपूर्ति जारी रखने का निर्णय लिया है।अब यदि किसी स्मार्ट मीटर उपभोक्ता का बैलेंस खत्म हो जाता है या वह समय पर रिचार्ज नहीं करा पाता है, तो उसका बिजली कनेक्शन तुरंत नहीं काटा जाएगा। सरकार और विभाग के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें अचानक बैलेंस खत्म होने के कारण अंधेरे में रहना पड़ता था।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब रिचार्ज खत्म होने के बाद पूरे 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस एक महीने की अवधि के दौरान विभाग द्वारा बिजली काटी नहीं जाएगी, ताकि उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार भुगतान कर सके।
ऊर्जा विभाग ने सभी बिजली वितरण कंपनियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे एक महीने की इस मोहलत की अवधि का कड़ाई से पालन करें। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए की गई है जो तकनीकी दिक्कतों या डिजिटल पेमेंट की समस्याओं के कारण समय पर मीटर रिचार्ज नहीं कर पाते थे।
पिछले कुछ समय से प्रदेश के विभिन्न जिलों से स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और रिचार्ज खत्म होते ही बिजली कटने की ढेरों शिकायतें आ रही थीं। कई मामलों में रात के समय या छुट्टियों के दौरान बैलेंस खत्म होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने ‘नो डिस्कनेक्शन’ की अवधि को बढ़ाकर 30 दिन कर दिया है। विभाग का मानना है कि इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि विभाग को भी अपनी छवि सुधारने और तकनीकी त्रुटियों को दूर करने का समय मिल सकेगा।
यद्यपि विभाग ने 30 दिनों की छूट दी है, लेकिन अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस सुविधा का दुरुपयोग न करें और समय रहते अपना रिचार्ज सुनिश्चित करें। 30 दिनों के बाद यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
इसके साथ ही, विभाग अब उपभोक्ताओं को बैलेंस कम होने पर मोबाइल पर एसएमएस और अलर्ट भेजने की प्रणाली को और अधिक सक्रिय कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ता को अपनी बिजली खपत और बकाया राशि की पूरी जानकारी रहे और वह आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना भुगतान कर सके।















