दिल्ली में हाल ही में दो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एजेंटों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर देश की सुरक्षा व्यवस्था को सतर्क कर दिया है। यह घटना भारत के लिए सिर्फ एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक और रणनीतिक अवसर भी है। ऐसे मामलों में भारत को बेहद सख्ती से पेश आना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी देश या संगठन ऐसी हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
इन एजेंटों से गहराई से पूछताछ की जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि वे किस नेटवर्क से जुड़े थे, उनकी गतिविधियों की दिशा क्या थी और कौन-कौन लोग उनके संपर्क में थे। इसके बाद भारत को संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के खिलाफ सबूत पेश करके उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब करना चाहिए।
साथ ही, घरेलू स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों को और सतर्क रहकर सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए। भारत को इस मुद्दे पर कूटनीति और कानून दोनों का सख्ती से इस्तेमाल करना चाहिए ताकि देश की अखंडता और सुरक्षा से कोई भी खिलवाड़ न कर सके।















