मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में कानून का रौब दिखाने वाले दबंग युवकों को पुलिस ने सबक सिखा दिया। रविवार देर शाम शहर के व्यस्त नावेल्टी चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी से मारपीट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। घटना उस समय हुई जब ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए एक कार रॉन्ग साइड से आती नजर आई। पुलिसकर्मी ने जब कार को रोका तो उसमें सवार दो युवकों ने नशे की हालत में भरे बाजार में पुलिसकर्मी पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पुलिसकर्मी को सरेआम घेरकर पीटना शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा–तफरी मच गई। मारपीट के दौरान आरोपी अपनी कार और कार में मौजूद चार साल की मासूम बच्ची को वहीं छोड़कर फरार हो गए।घायल पुलिसकर्मी ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने अपनी चोटों की परवाह न करते हुए कार का शीशा तोड़कर मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे वहां मौजूद महिलाओं के सुपुर्द कर दिया। इस मानवीय पहल के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मी के जज्बे की सराहना की।घटना की जानकारी मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस हरकत में आई और देर रात ही इलाके में दबिशें शुरू कर दीं। पुलिस ने सोमवार सुबह दोनों आरोपियों को गाजियाबाद के लोनी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और उन्हें कानून की ताकत का एहसास कराया। जब दोनों आरोपी कोतवाली पहुंचे, तो वे पुलिसकर्मियों के कंधों पर लंगड़ाते हुए और हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए। यह दृश्य पुलिस के सख्त रुख और कानून के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है।पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि दोनों आरोपी एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए मुजफ्फरनगर आए थे। समारोह से लौटते समय उन्होंने ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की और रॉन्ग साइड से गाड़ी चलाते हुए पुलिसकर्मी से उलझ गए। नशे में धुत दोनों युवकों ने पुलिस पर हमला कर अपनी मनमानी दिखाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही घंटों में पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।शहर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और वर्दी पर हाथ उठाने की कोशिश करने वालों को सख्त परिणाम भुगतने होंगे।















