अमेरिका में राष्ट्रपति बदलने के साथ ही पुराने फैसले बदलने का सिलसिला भी जारी है. ट्रंप लगातार बाइडेन के लिए गए फैसलों को पलटने में लगे हुए हैं. बीते दिन एक बार फिर ट्रंप ने विदेशों को दी जाने वाली सहायता पर रोक लगा दी. तो वहीं इजरायल और इजिप्ट को बड़ी राहत दी है. इसके अलावा इजरायल को अमेरिका की तरफ से बमों की खेप जाने वाली है. जिस पर लंबे समय से रोक लगी हुई थी. हालांकि ट्रंप के इस फैसले के कारण मिडिल ईस्ट में तबाही की आशंका बढ़ गई है.व्हाइट हाउस ने बताया कि वह इजराइल के लिए 2,000 पाउंड के बमों की एक खेप के देने जा रहा है. जिसे राष्ट्रपति बिडेन ने पिछली गर्मियों में अचानक रोक दिया था, ताकि इजरायली सेना को राफा शहर के अधिकांश हिस्से को नष्ट करने से रोका जा सके. उस समय बाइडेन ने 3500 बमों की डिलीवरी पर रोक लगाई थी, जिसमें 2,000 पाउंड के विस्फोटक भी शामिल थे.इन बमों की खेप को लेकर शनिवार को अपने ट्रुथ सोशल नेटवर्क पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि बहुत सी चीजें जो इजराइल की तरफ से ऑर्डर की गई थीं. जिसका भुगतान भी किया गया था, लेकिन बाइडेन ने इसे भेजा नहीं था, लेकिन ये सब अब रास्ते में हैं.
ट्रंप ने आते ही हटाई रोक
ट्रंप को कार्यभार संभाले हुए अभी 5 दिन का समय ही हुआ है. आते ही पुरानी रोक हटा दी है. हाल ही के समय में हमास और इजरायल के बीच युद्ध विराम के पहले चरण की घोषणा की थी. जिसका श्रेय भी अमेरिका ने लिया था. फिलहाल लड़ाई रुकी हुई है. सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों के बदले में गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए कुछ बंधकों को रिहा किया गया.युद्ध विराम के दूसरे चरण पर अभी बात होना बाकी है. जिसके तहत हमास की तरफ से बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई और लड़ाई पर स्थायी बातचीत होगी. प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इजरायली सरकार ने धमकी दी है कि अगर शेष बंधकों को रिहा नहीं किया गया तो हमास के खिलाफ अपना युद्ध शुरू कर देंगे.
इजराइल और मिस्र को क्यों दी गई छूट
अमेरिका ने अपने इस फैसले में इजरायल और मिस्र को छूट दी है. इसमें इजरायल और मिस्र के लिए आपातकालीन खाद्य सहायता और सैन्य सहायता शामिल है. इजरायल और मिस्र दोनों ही लंबे समय से अमेरिकी सहायता ले रहे हैं. इसके तहत इज़राइल को सालाना लगभग 3.3 बिलियन डॉलर और मिस्र को लगभग 1.3 बिलियन डॉलर की मदद मिलती है.















