तृणमूल कांग्रेस में चल रही उथल-पुथल के बीच कोलकाता एयरपोर्ट पर कल्याण बनर्जी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर अपना आपा खो दिया और उन्होंने शुभेंदु चोर-शुभेंदु चोर और उनके पिता के खिलाफ चोर-चोर के नारे लगाए।दरअसल एयरपोर्ट पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने टीएमसी नेता के खिलाफ पहले चोर-चोर और जय श्री राम के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर कल्याण बनर्जी ने भी अपना आपा खो दिया।
शुभेंदु चोर-चोर के नारे लगाए
एयरपोर्ट पर मीडिया से बात कर रहे कल्याण बनर्जी ने बागियों पर निशाना साधा और कहा कि बागी सांसदों ने अपने खिलाफ चल रहे मामलों में राहत पाने के लिए नरेंद्र मोदी के सामने घुटने टेक दिए। इसी दौरान उनके पास कुछ लोग पहुंचे और चोर-चोर और जय श्री राम के नारे लगाने लगाकर उन्हें परेशान करने लगे।इस पर सांसद कल्याण बनर्जी ने भी अपना आपा खो दिया और भाजपा नेता और बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ही असली चोर हैं और उन्होंने उनके पिता पर भी चोरी का आरोप लगाया।
कई लोकसभा सांसदों ने की बगावत
यह घटना ऐसे समय में हो रहा है जब टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से कई सांसदों ने बगावत कर दी है। दरअसल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार के कुछ हफ्तों बाद पार्टी भीतरी विद्रोह से गुजर रही है।
खबरों के मुताबिक, टीएमसी के 20 सांसदों ने ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए के प्रति अपना समर्थन जताया है। अगर यह दावा सही साबित हुआ तो बागी गुट आसानी से दलबदल कानून की कार्रवाई से बच सकती है क्योंकि उसे पार्टी के सांसदों की दो-तिहाई (19 सांसद) बहुमत हासिल हो।
कल्याण बनर्जी ने बागियों को बताया देशद्रोही
इससे पहले कल्याण बनर्जी ने बागियों को देशद्रोही करार दिया और उन्हें इस्तीफा देने और मतदाताओं से नया जनादेश मांगने की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात करके बागियों ने खुद को बेनकाब कर दिया है। साथ ही उन पर आरोप लगाया कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं को छोड़कर पद का आनंद लेते रहे।
कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि बागी विधायकों के पास अभी दलबदल कानून से सुरक्षित रूप से निपटने के लिए आवश्यक संख्या नहीं है। उन्हें गद्दार कहते हुए उन्होंने असंतुष्टों पर सत्ता की लालसा से प्रेरित होने का आरोप लगाया।
भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कल्याण बनर्जी ने कहा, ‘आपके पास मुख्यमंत्री, ईडी, सीबीआई और अन्य शक्तियां हैं, लेकिन मेरे पास मां, माटी, मानुष, मेरी पार्टी, मेरे पार्टी कार्यकर्ता और बंगाल की जनता है।















