वक्फ अधिनियम 1995 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई 5 मई को होनी है। इससे पहले मुस्लिम पक्ष और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। मुस्लिम पक्ष ने अपने जवाब में वक्फ कानून को संविधान सम्मत बताया है और कहा है कि यह मुस्लिम समुदाय की धार्मिक व सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ है। वहीं केंद्र सरकार ने भी वक्फ एक्ट का समर्थन करते हुए कहा है कि यह कानून अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करता है और संविधान की धारा 25 से 30 के तहत संरक्षित है।
दरअसल, कुछ याचिकाकर्ताओं ने वक्फ अधिनियम को चुनौती देते हुए कहा था कि यह कानून धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है और इससे एक विशेष समुदाय को अनुचित लाभ मिलता है। इन याचिकाओं में वक्फ बोर्ड को मिलने वाले अधिकारों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।अब 5 मई को सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि क्या इन याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई की जाएगी या नहीं। यह मामला संवेदनशील माना जा रहा है और इससे देशभर में वक्फ से जुड़ी संपत्तियों और उनके प्रशासन पर असर पड़ सकता है।















