अमेरिका में भारतीय इंजीनियर मोहम्मद निजामुद्दीन की रहस्यमयी मौत ने विवाद खड़ा कर दिया है। निजामुद्दीन पर पुलिस ने उस समय गोली चला दी, जब वह अपने रूममेट पर हमले के आरोप में पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहा था। हालांकि, इससे पहले निजामुद्दीन ने कई बार शिकायत की थी कि वह नस्लीय भेदभाव और नफरत का शिकार हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, निजामुद्दीन को नौकरी से निकाल दिया गया था और उसका कहना था कि उसे योजनाबद्ध तरीके से परेशान किया जा रहा है। यहां तक कि उसने आरोप लगाया था कि उसके खाने में जहर मिलाया गया था। इन परिस्थितियों ने उसके मानसिक स्वास्थ्य को भी गहरा आघात पहुंचाया था।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पुलिस की गोलीबारी में उसकी मौत हो गई। भारतीय मूल के लोग और प्रवासी समुदाय इस घटना पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों लगातार भारतीय नागरिक अमेरिका में निशाना बन रहे हैं। कई संगठनों ने इसे नस्लीय नफरत का परिणाम बताया और जांच की मांग उठाई है।
परिवार का कहना है कि निजामुद्दीन की मौत एक सामान्य घटना नहीं है बल्कि उसे योजनाबद्ध तरीके से शिकार बनाया गया है। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले को संभालने में लापरवाही की और बिना किसी ठोस कारण गोली चला दी। वहीं, अमेरिकी पुलिस का कहना है कि निजामुद्दीन ने अपने रूममेट पर जानलेवा हमला किया था और इसी दौरान आत्मरक्षा में गोली चलाई गई।
इस घटना ने भारत और अमेरिका दोनों देशों में चिंता बढ़ा दी है। भारतीय दूतावास ने भी मामले की रिपोर्ट मांगी है। प्रवासी भारतीय संगठनों का कहना है कि यह मामला भारतीय समुदाय की सुरक्षा से जुड़ा है और इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए। फिलहाल, जांच एजेंसियां इस पूरी घटना की तहकीकात कर रही हैं और सच सामने आने का इंतजार है।















