अलवर जिले के रैणी थाना क्षेत्र के लुनिया का बास भुड़ा गांव में पिछले कई महीनों से चल रहा रास्ते को लेकर विवाद आखिरकार जमीन के खातेदारों की आपसी सहमति से सुलझ गया। गांव में आने-जाने का प्रमुख रास्ता अवरुद्ध होने से ग्रामीणों, खासकर स्कूली बच्चों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि अवरुद्ध रास्ते के कारण वाहनों की आवाजाही भी ठप पड़ गई थी, जिससे किसानों को खेतों तक पहुंचने और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में भी दिक्कतें बढ़ रही थीं।
ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार जिला कलैक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपे थे। प्रशासन से लगातार उम्मीद लगाए रखने के बावजूद समस्या का हल निकलना मुश्किल होता जा रहा था। गांव के लोगों का कहना है कि रास्ते का मुद्दा लंबे समय से अटका हुआ था और इससे पूरे समुदाय की दिनचर्या प्रभावित हो रही थी।
अंततः प्रभावित जमीन के खातेदारों ने आपसी बातचीत और समझौते के बाद रास्ता खोलने पर सहमति जताई। खातेदारों ने सामुदायिक हित को प्राथमिकता देते हुए विवाद को समाप्त किया, जिससे गांव में राहत की भावना है। ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत किया और कहा कि अब बच्चों को स्कूल जाने में, महिलाओं को आवागमन में और वाहनों को आवाजाही में कोई परेशानी नहीं होगी।
गांव के बुजुर्गों ने इसे आपसी समझ और सामाजिक सद्भाव का उदाहरण बताते हुए कहा कि कई बार बड़े से बड़े विवाद भी संवाद और सहमति से हल किए जा सकते हैं। रास्ता खुलने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सामुदायिक मुद्दों पर इसी तरह शांति पूर्ण माहौल में निर्णय लिए जाएंगे।















