कैस्पियन सागर में ईरानी झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर हमले के लिए ईरान ने यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है. ईरान ने कहा कि यूक्रेन की यह कार्रवाई बिना जवाब के नहीं रहेगी. ईरान ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खुले उल्लंघन का मामला बताया हैईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने यूरोपीय संघ (EU) की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के निर्देश पर ईरानी कमर्शियल जहाज़ पर हमला किया गया. इस हमले में एक नाविक की मौत हो गई.
ईरानी जहाज पर कहां हुआ हमला?
ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक शनिवार यानी 26 जुलाई को शनिवार तड़के यूक्रेनी सेना ने कैस्पियन सागर में ईरानी झंडे वाले एक कमर्शियल जहाज पर निशाना बनाया. यह जहाज रूस के अस्त्रखान बंदरगाह से ईरान के अंजली बंदरगाह की ओर जा रहा था. हमले में जहाज़ का कंट्रोल रूम पूरी तरह बर्बाद हो गया. जहाज में सवार एक नाविक की मौत हो गई. दूसरा नाविक गंभीर तौर पर घायल है.
ईरान ने यूक्रेन को क्या चेतावनी दी?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ-साफ संकेत दिया है. ईरान इस हमले को हल्के में नहीं लेगा. उन्होंने कहा कि घटना का जवाब उचित समय और तरीके से दिया जाएगा. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस घटना पर ध्यान देने और इसकी निंदा करने की अपील की है.
इस घटनाक्रम का क्या असर होगा?
यह घटना ऐसे समय हुई जब रूस और यूक्रेन का युद्ध पहले से ही कई देशों को प्रभावित कर रहा था. उधर ईरान-अमेरिका के बीच भी लगातार सैन्य तनाव जारी है. ऐसे में यूक्रेन के ईरान के जहाज पर किए गए हमले में यूरोप समेत कई अन्य देश भी भीषण सैन्य संघर्ष के केंद्र में आ सकते हैं. साथ ही इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है. अब तक ईरान के आरोपों पर यूक्रेन की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.























































