मुजफ्फरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) मुजफ्फरनगर में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और इंचार्ज अध्यापकों के क्षमता संवर्धन के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘सक्षम व समर्थ’ प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र वितरण के साथ समापन हुआ। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
न्यूरो मनोचिकित्सक विशेषज्ञ डॉ. अर्पण जैन ने मानसिक स्वास्थ्य एवं माइंडफुलनेस विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इन बदलावों से जीवन आसान हुआ है, लेकिन विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, शैक्षणिक दबाव, पारिवारिक एवं सामाजिक अपेक्षाएं, डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग और सोशल मीडिया के प्रभाव से विद्यार्थियों में तनाव, चिंता, अकेलापन तथा भावनात्मक एवं व्यवहारगत असंतुलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को भावनात्मक सुरक्षा, सकारात्मक वातावरण और स्वस्थ व्यक्तित्व निर्माण का अवसर देना भी जरूरी है। कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पंकज वशिष्ठ, प्रवक्ता डायट ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों एवं विद्यालय प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग को बढ़ावा देने के लिए सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण में डायट प्रवक्ता अंजली सिंह, डॉ. विकिन, डॉ. श्रीपाल और विनीता कमल ने विभिन्न सत्र लिए। इस अवसर पर बबीता, डॉ. प्रीती सहित विभिन्न विद्यालयों के अध्यापक मौजूद रहे। डायट प्रशिक्षु अजय और वंदना का विशेष योगदान रहा। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।























































