मुजफ्फरनगर में विश्व दिव्यांगजन दिवस पर दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा चमकी, खेल व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साह

मुजफ्फरनगर में विश्व दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर समग्र शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रांगण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, बाल कल्याण समिति के सदस्य राजीव कुमार तथा कोषाधिकारीवित्त एवं लेखाधिकारी श्रुति गुप्ता ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया।उद्घाटन अवसर पर मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति की नहीं बल्कि सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को घर से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।मानसिक दिव्यांग बालिकाओं की जूनियर वर्ग की 50 मीटर दौड़ में मोरना की अर्पिता प्रथम, शाहपुर के सूरज द्वितीय और चरथावल की डॉली तृतीय रहीं। इसी श्रेणी के बालकों में शाहपुर के लक्ष्य ने प्रथम, चरथावल के सागर ने द्वितीय और नगर क्षेत्र सदर के आरजू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मूकबधिर बालकों की म्यूजिकल कुर्सी प्रतियोगिता में बघरा के मन्नू प्रथम, सदर के नवनीत द्वितीय और शाहपुर के अर्पण तृतीय रहे। वहीं, मूकबधिर बालिकाओं की म्यूजिकल कुर्सी में जानसठ की डॉली प्रथम, परी द्वितीय और सदर की योगिता तृतीय रहीं।दृष्टिबाधित बच्चों की “छूकर पहचानो” प्रतियोगिता में जानसठ की अलफिजा ने प्रथम, खतौली के वंश ने द्वितीय और मोरना के कुनाल ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी संवेदनात्मक समझ की मिसाल पेश की। चित्रकला प्रतियोगिता में सदर के हर्ष प्रथम, अर्णव द्वितीय और जानसठ के सूरज तृतीय रहे। सुलेख प्रतियोगिता में सदर की वंशिका प्रथम, बुलबुल द्वितीय और जानसठ के प्रिंस तृतीय स्थान पर रहे।शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों की दौड़ प्रतियोगिता में सदर के मयंक प्रथम, चरथावल के अक्षपाल द्वितीय और सदर की डॉली तृतीय रहीं। मूकबधिर बालिकाओं की दौड़ में मोरना की अर्पिता प्रथम, जानसठ की अलीशा द्वितीय तथा बुढ़ाना की आरजू तृतीय रहीं। विभिन्न विकास खंडों से लगभग 200 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने इन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम का समापन संदीप कुमार द्वारा प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार वितरित कर किया गया। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि सभी बच्चों को समान अवसर दिए जाने चाहिए, ताकि वे सामान्य बच्चों की तरह जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने उपस्थित परिजनों को विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक सुशील कुमार ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न ब्लॉकों में कार्यरत स्पेशल एजुकेटर आदित्य प्रकाश, रेनू, धर्मेंद्र जैन, पूनम, अन्नगपाल, रामनिवास, इरशाद, राहित शर्मा, प्रमिता, धर्मेंद्र तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन बबीता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts