वराडा (सिरोही) ग्राम पंचायत वराडा में स्वच्छता की हालत बद से बदतर होती जा रही है। प्रशासन की अनदेखी और पंचायत की लापरवाही के चलते गांव की गलियों से लेकर विद्यालयों तक गंदगी और जलभराव आम समस्या बन गई है। पूरे गांव में स्वच्छ भारत अभियान की धज्जियाँ उड़ती नजर आ रही हैं।
वार्ड नंबर 1 बना गंदगी का केंद्र
गांव के वार्ड नंबर 1 की हालत सबसे खराब बताई जा रही है, जहाँ नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। जलजमाव से राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई।
विद्यालय के बाहर जलभराव, बच्चों को हो रही परेशानी
गांव के स्कूल के मुख्य द्वार के पास गंदा पानी लंबे समय से जमा है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा जताते हुए प्रशासन को चेताया है।
कचरे के ढेर और मच्छरों का आतंक
गांव के सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे बदबू और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत द्वारा सिर्फ कागजी कार्रवाई की जा रही है, जबकि ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं हो रहा।
ग्रामवासियों की प्रमुख मांगें:
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पूरे गाँव में नियमित सफाई करवाई जाए।
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बंद पड़ी नालियों की सफाई और मरम्मत की जाए।
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विद्यालय के बाहर जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए।
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पंचायत अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
जनता का सवाल – क्या यही है स्वच्छ भारत?
गाँव की स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि क्या सरकारी योजनाएं सिर्फ नारों और पोस्टरों तक सीमित रह गई हैं? ग्रामीणों में अब प्रशासन के प्रति आक्रोश साफ दिख रहा है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।















