खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ के आदेश तथा जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर के निर्देशानुसार जनपद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद् एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने हेतु विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य) अर्चना धीरान तथा मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार मिश्रा ने किया। टीम ने कांवड़ मार्ग पर लगे शिविरों का व्यापक निरीक्षण कर खाद्य कारोबारियों एवं शिविर संचालकों को साफ-सफाई, हाइजीन और खाद्य सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश प्रदान किए।निरीक्षण के दौरान कांवड़ मार्ग पर स्थित होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स का भी जायजा लिया गया। इन प्रतिष्ठानों पर फूड सेफ्टी कनेक्ट एप से पंजीकरण कराने और रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, खाद्य सामग्री की स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच हेतु ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ वैन की सहायता से मौके पर ही परीक्षण भी किया गया।खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों से घी के कुल 12 नमूने संग्रहित किए गए। मंसूरपुर स्थित नेशनल मिल्क डेयरी से घी और रोहित ट्रेडर्स से पतंजलि ब्रांड के गाय के घी का सैंपल लिया गया। नेपोली टी कंपनी एवं गोयल इंटरप्राइजेज से पारस घी और मधुसूदन घी के नमूने लिए गए। विशाल मेगा मार्ट, भोपा रोड से गाय का घी और देसी घी के सैंपल जुटाए गए। जिंदल डेरी, जानसठ रोड से देसी घी के दो नमूने, वहीं देवपुरम लिंक रोड की एक कन्फेक्शनरी से अमूल गाय के घी का एक सैंपल लिया गया।इसके अतिरिक्त स्वास्तिक स्टोर, जानसठ रोड से श्री-श्री ब्रांड और गोवर्धन ब्रांड के घी के दो नमूने तथा कुकड़ा स्थित श्री कृष्णा डेरी से एक नमूना संग्रहित किया गया। इन सभी नमूनों को नियमानुसार जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है।खाद्य सुरक्षा विभाग की यह सक्रियता यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो।















