मुजफ्फरनगर में जनपद न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार सिंह द्वारा एक संस्था का औचक निरीक्षण किया गया, जिससे वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली का वास्तविक आकलन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज दिव्या भार्गव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सतेंद्र चौधरी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ मिश्रा तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों की इस संयुक्त टीम ने संस्था के विभिन्न पहलुओं का गहनता से निरीक्षण करते हुए वहां निरुद्ध किशोरों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं, जरूरतों एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान न्यायाधीश ने किशोरों से उनके रहन-सहन, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि संस्था में पूर्व में दिए गए निर्देशों का सही तरीके से पालन किया जा रहा है या नहीं।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किशोरों के पुनर्वास, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में बेहतर तरीके से जुड़ सकें।संस्था के प्रभारी मोहित कुमार ने निरीक्षण टीम को व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी और बताया कि किशोरों के सुधार एवं उनके समग्र विकास के लिए नियमित रूप से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस दौरान सहायक अध्यापक, अन्य स्टाफ और सुरक्षा बल भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने दायित्वों से संबंधित जानकारी अधिकारियों को दी।निरीक्षण के अंत में न्यायाधीश ने संस्था की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किशोरों के हितों की रक्षा करना और उन्हें एक सकारात्मक वातावरण प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी कहा कि समय-समय पर इस प्रकार के औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे, ताकि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की लापरवाही न हो।















