सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाइयों के खिलाफ दिशानिर्देश तैयार करने का आदेश दिया

भास्कर न्यूज़ उत्तर प्रदेश उत्तराखंड

सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम संपत्तियों पर अवैध बुलडोजर कार्रवाइयों के खिलाफ सभी राज्यों के लिए दिशानिर्देश जारी करने का इशारा किया है। जमीयत उलमा-ए-हिंद ने इस मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर की हैं और अदालत ने 17 सितंबर को सुनवाई की तारीख तय की है। मौलाना अरशद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अंतिम निर्णय पीड़ितों के पक्ष में होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी आरोपी की संपत्ति को ध्वस्त नहीं किया जा सकता और विध्वंस प्रक्रिया से पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सुनवाई के दौरान भारत के सॉलिसिटर जनरल ने जमीयत उलमा-ए-हिंद पर आरोप लगाया कि उनकी याचिकाएं केवल मीडिया के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देती हैं, जबकि जमीयत उलमा-ए-हिंद ने इस मुद्दे पर विशेष रूप से मुस्लिम संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के खिलाफ अपनी याचिका प्रस्तुत की है।अदालत ने सभी पक्षों को 13 सितंबर तक अपनी दलीलें प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और आगामी सुनवाई 17 सितंबर को निर्धारित की गई है।

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