मुजफ्फरनगर। भारत मानक ब्यूरो शाखा देहरादून के तत्वाधान में होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज, जडौदा, मुजफ्फरनगर के विद्यार्थियों को एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र ले जाया गया। यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक साबित हुआ। कुरुक्षेत्र पैनोरमा और विज्ञान केंद्र अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए जाना जाता है, जहां विज्ञान और धर्म का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। यह केंद्र महाभारत युद्ध के महाकाव्य को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाने का प्रयास करता है, जिससे विद्यार्थियों को इतिहास और विज्ञान का संतुलित अनुभव प्राप्त हुआ।भ्रमण की शुरुआत विज्ञान सभागार से हुई, जहां विद्यार्थियों के लिए एक परिचयात्मक सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में शिक्षकों ने उन्हें विभिन्न सरल विज्ञान प्रयोगों से अवगत कराया, जिन्हें देखकर विद्यार्थी रोमांचित हो उठे। इसके बाद विद्यार्थियों ने महाभारत पर आधारित एक आकर्षक लघु 3डी फिल्म का आनंद लिया। इस फिल्म ने उन्हें इतिहास की गहराइयों में ले जाकर आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ा। यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।इसके उपरांत विद्यार्थियों ने प्राचीन भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यहां पर पदार्थ, परमाणु संरचना, ज्यामिति, खगोल विज्ञान और प्राचीन भारतीय गणित के सिद्धांतों से संबंधित जानकारियां प्रदर्शित की गई थीं। इन प्रदर्शनों ने छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने का कार्य किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने तारामंडल का अनुभव किया, जहां उन्होंने ब्रह्मांड के रहस्यों की खोज की। इंटरैक्टिव तरीके से तारों, ग्रहों और आकाशगंगाओं के बारे में जानकारी पाकर विद्यार्थियों का उत्साह दोगुना हो गया।संग्रहालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी अवधारणाओं पर आधारित कई वैज्ञानिक प्रयोग देखे। इन प्रयोगों ने जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को सरल और रोचक ढंग से समझाने का कार्य किया। विद्यार्थियों ने इन प्रयोगों के माध्यम से यह अनुभव किया कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है बल्कि जीवन के हर पहलू में उसका उपयोग होता है।भ्रमण के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने कृष्ण संग्रहालय का दौरा किया। यहां पर उन्होंने मोहनजोदड़ो और हड़प्पा की सभ्यता से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। साथ ही महाभारत की अनेक घटनाओं और उससे संबंधित तथ्यों को जानने का अवसर मिला। इस संग्रहालय ने छात्रों के ऐतिहासिक ज्ञान को और समृद्ध किया।इस पूरे शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल विज्ञान तक ही सीमित न रखते हुए इतिहास और संस्कृति से भी अवगत कराना था। कार्यक्रम में बीआईएस शाखा देहरादून से राजीव कुमार वर्मा, विद्यालय से प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया, मेंटर रूपेश कुमार और शुभम कुमार उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए इस यात्रा को और भी सार्थक बना दिया।यह शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल मनोरंजन का माध्यम बना बल्कि ज्ञान का भंडार भी साबित हुआ। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान, इतिहास और संस्कृति की नई दृष्टि मिली, जो उनके भविष्य के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।















