मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी के दिशा-निर्देशन में अपर जिलाधिकारी वित्तीय एवं राजस्व और उप जिलाधिकारी जानसठ ने अपनी टीम के साथ कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दृष्टिगत मुख्य घाट और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा और व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए कि सभी सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों ने रूट मैप का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं की प्राथमिकताओं के अनुसार व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने पर जोर दिया। घाटों और मेले के क्षेत्र में प्रकाश और स्वच्छता की स्थिति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। खुले आसमान के नीचे रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए अधिक संख्या में टेंट लगाने के उपाय किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के लिए पानी के टैंकर और अन्य आवश्यक साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कोई समस्या न उत्पन्न हो।
स्नान घाट पर तट सुरक्षा के लिए विशेष टीमों की तैनाती की जाएगी। बैरिकेडिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा, साथ ही नावों की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि घाट पर आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने मेले स्थल पर मौजूद अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और आवश्यक सुधारात्मक दिशा-निर्देश दिए।
इस निरीक्षण में क्षेत्राधिकारी भोपा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी प्रकार की व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों और कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं को पूरी सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध हो। उन्होंने साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश दिए।
इस प्रकार, मुजफ्फरनगर में कार्तिक पूर्णिमा स्नान को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने के लिए प्रशासन ने हर सम्भव कदम उठाने की तैयारी कर ली है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और घाटों की व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, ताकि पर्व का अवसर धार्मिक और सामूहिक उल्लास के साथ मनाया जा सके।

















