आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में शुक्रवार को मची भगदड़ ने बड़ा हादसा कर दिया। इस घटना में 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। हादसे का प्रमुख कारण मंदिर का अधूरा निर्माण और आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता होना बताया जा रहा है। भीड़ अत्यधिक होने के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मंदिर में विशेष पूजा का आयोजन किया गया था, जिसके चलते सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। जैसे ही भीड़ मंदिर के मुख्य द्वार की ओर बढ़ी, धक्का-मुक्की शुरू हो गई। एक संकरे रास्ते पर लोगों के गिरने से भगदड़ मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्थल पर सुरक्षा इंतज़ाम बेहद कमजोर थे। पर्याप्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। वहीं, मंदिर का निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है।
यह हादसा फिर एक बार दर्शाता है कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतज़ाम कितने जरूरी हैं। अधूरे निर्माण वाले स्थलों पर बड़े आयोजनों की अनुमति देना लोगों की जान से खिलवाड़ साबित हो सकता है। प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा खामियों के चलते श्रद्धा का स्थल आज मातम का केंद्र बन गया।















