मुजफ्फरनगर विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पंचायत एडवांसमेंट 2.0 विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी, उप निदेशक (पंचायती राज) सहित 64 जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य पंचायत स्तर पर पारदर्शी एवं प्रभावी कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करना था, जिसके अंतर्गत विभिन्न विभागों से संबंधित डाटा को पीएआई पोर्टल पर अपलोड और सत्यापित करने की प्रक्रिया को समझाया गया।जिला पंचायत राज अधिकारी ने विस्तारपूर्वक पंचायत एडवांसमेंट 2.0 की जानकारी दी और बताया कि यह पोर्टल ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली, विकास योजनाओं और विभागीय समन्वय को डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल पर प्रत्येक विभाग से जुड़ा सटीक और त्रुटिरहित डाटा अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाना आवश्यक है, ताकि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने–अपने विभागों से संबंधित डाटा को समयबद्ध तरीके से फीड कराएं और उसका शत–प्रतिशत सत्यापन भी कराएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण सत्र का पूरा लाभ लिया जाए, यदि किसी अधिकारी को किसी बिंदु पर कोई शंका हो तो वह प्रशिक्षकों से स्पष्ट जानकारी प्राप्त करें।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि डाटा फीडिंग के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र के ग्रामों का डाटा स्वयं अपलोड कराएं और उसकी निगरानी रखें। साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी को यह निर्देश भी दिया गया कि खंड विकास अधिकारियों द्वारा अपलोड किए गए डाटा की वह स्वयं समीक्षा करें, ताकि किसी स्तर पर त्रुटि की संभावना न रहे।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील तेवतिया, जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान पारस्परिक संवाद और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को डिजिटल प्रणाली को बेहतर ढंग से अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।















