मुजफ्फरनगर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तत्वावधान में द्वारिका सिटी स्थित द एसडी पब्लिक स्कूल में “Promoting Mental Health and Wellness Among Students” विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालयों में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, सकारात्मक एवं सुरक्षित शैक्षिक वातावरण तैयार करना तथा उनके भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक विकास के लिए प्रभावी रणनीतियों पर शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों को प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम का संचालन भारतीय शिक्षा बोर्ड, हरिद्वार की प्रधानाचार्या डॉ. वंदना पांडे तथा द डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल, कोटद्वार की प्रधानाचार्या डॉ. नूतन बिष्ट ने विषय विशेषज्ञ के रूप में किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या नीलम माहना एवं दोनों विषय विशेषज्ञों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद नीलम माहना ने विद्यालय की परंपरा के अनुसार दोनों विशेषज्ञों का पौधा भेंट कर स्वागत किया और विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों का परिचय कराया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव, परीक्षा के दबाव, भावनात्मक चुनौतियों, व्यवहार संबंधी समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों की भावनाओं को समझने, सकारात्मक संवाद स्थापित करने, तनावमुक्त शिक्षण वातावरण विकसित करने तथा समय रहते मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान कर उचित मार्गदर्शन देने के व्यावहारिक उपाय बताए। साथ ही यह भी बताया गया कि विद्यालयों में सहयोगात्मक वातावरण, परामर्श सेवाओं और संवेदनशील शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यशाला में मौजूद शिक्षकों और प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया तथा अपने-अपने विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्या नीलम माहना ने डॉ. वंदना पांडे और डॉ. नूतन बिष्ट को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा सभी प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है और सीबीएसई की यह पहल विद्यालयों में स्वस्थ, सकारात्मक और समावेशी शैक्षिक वातावरण के निर्माण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। कार्यशाला अपने निर्धारित उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए संपन्न हुई।























































