मुजफ्फरनगर में महिलाओं से संबंधित मामलों में सहायता और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सेंटर में उपलब्ध सुविधाओं, अभिलेखों तथा पीड़ित महिलाओं को प्रदान की जा रही सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद स्टाफ से बातचीत कर महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा, परामर्श, कानूनी सहायता और अस्थायी आवास जैसी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पीड़ित महिला को सहायता प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता बेहद जरूरी है, इसलिए हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सेंटर में रखे गए अभिलेखों का भी अवलोकन किया और लंबित मामलों के बारे में जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। साथ ही यह भी कहा कि पीड़ित महिलाओं को समयबद्ध तरीके से समुचित सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें न्याय दिलाने की प्रक्रिया प्रभावी और सरल बन सके।निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी जोर दिया कि वन स्टॉप सेंटर में आने वाली महिलाओं को केवल कानूनी ही नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक सहयोग भी दिया जाए। इसके लिए सेंटर में तैनात काउंसलरों और अन्य स्टाफ को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक अपराध ने यह भी कहा कि पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। इसलिए स्वास्थ्य, विधिक सेवा, महिला कल्याण और पुलिस विभाग के बीच तालमेल बनाकर काम किया जाए, जिससे महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी जरूरी सहायता मिल सके।निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे सेंटर की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएं तथा हर पीड़ित महिला को उसकी समस्या के अनुसार तुरंत सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।















