मुजफ्फरनगर के जडौदा स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज के सभागार में विद्यार्थियों के लिए “स्काई इज द लिमिट” कार्यशाला एवं शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षाविद् एवं प्रशिक्षक विजय राज, धीरज बालियान, जितेंद्र कुमार, अमित शर्मा, आकांश शर्मा तथा प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला की थीम “स्काई इज द लिमिट” का अर्थ बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के विचारों का विस्तार असीम होना चाहिए और उन्हें अपनी क्षमताओं को सीमाओं में नहीं बांधना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी पूर्व की पीढ़ी से लगभग दस वर्ष आगे चल रही है और आज के युग में विद्यार्थियों के पास ज्ञान अर्जित करने के अनेक आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं, जिनका सही उपयोग कर वे अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महान वैज्ञानिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा प्रसिद्ध महिला मुक्केबाज मैरीकॉम सहित कई महान व्यक्तित्वों के संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियां सुनाई गईं। इन उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को बताया गया कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, परिश्रम और सकारात्मक सोच से सफलता प्राप्त की जा सकती है। कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों से फीडबैक लिया गया, जिसमें कक्षा आठ की छात्रा अनुश्री दहिया ने कहा कि हमें अपने विचारों को सीमित नहीं रखना चाहिए और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।शिक्षक प्रशिक्षण सत्र में विजय राज ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षण एक गंभीर और जिम्मेदार पेशा है। उन्होंने कहा कि जैसे आप विद्यालय के बच्चों का ध्यान रखेंगे, वैसे ही समाज भी आपके बच्चों का ध्यान रखेगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शिक्षक को कक्षा में प्रवेश करने से पहले अपने उद्देश्य को स्पष्ट कर लेना चाहिए और एक लक्ष्य के साथ पढ़ाना चाहिए। उनके अनुसार जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए संघर्ष, अनुभव और सकारात्मक वातावरण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके आसपास के वातावरण से प्रभावित होता है और अच्छा नजरिया अच्छे परिणामों को आकर्षित करता है।
उन्होंने शिक्षकों को सुझाव दिया कि कक्षा में विद्यार्थियों की एकाग्रता बढ़ाने के लिए प्रतिदिन कोई न कोई गतिविधि अवश्य करानी चाहिए और साप्ताहिक फीडबैक लेकर शिक्षण प्रक्रिया का मूल्यांकन करना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य प्रवेंद्र दहिया एवं समस्त स्टाफ ने विजय कुमार राज को प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शुभम कुमार, प्रीतम कुमार मिश्रा, रीना चौहान और सचिन कश्यप का विशेष योगदान रहा।















