बांदा में गणेश उत्सव का छठा दिन, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने की 103 वर्ष पुरानी प्रतिमा की पूजा

बांदा में चल रहे 10 दिवसीय गणेश उत्सव का छठा दिन ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष बन गया। गणेश भवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने गणेश भवन में स्थापित भगवान गणेश की 103 वर्ष पुरानी प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना और माल्यार्पण किया। यह प्रतिमा सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका संबंध महान स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक से जुड़ा है। तिलक ने आजादी की लड़ाई के दौरान इस मूर्ति की स्थापना कर बांदा में क्रांति की अलख जगाई थी। यही वजह है कि गणेश भवन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की धरोहर भी माना जाता है।

पूजा-अर्चना के बाद उप मुख्यमंत्री ने भवन में स्थापित लोकमान्य तिलक की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने तिलक के योगदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ये स्थल हमारी सांस्कृतिक और स्वतंत्रता की विरासत को जीवंत रखने का काम करते हैं। गणेश उत्सव का आयोजन नूतन बाल समाज द्वारा हर वर्ष किया जाता है, जो 103 वर्षों से लगातार इस परंपरा को निभा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह राजपूत भी उपस्थित रहे। इन नेताओं की उपस्थिति ने आयोजन को और भी राजनीतिक और सामाजिक महत्व प्रदान किया।

नूतन बाल समाज के संरक्षक अशोक त्रिपाठी, अध्यक्ष अशोक अवस्थी, सभापति सुशील कुमार तिवारी, मंत्री निखिल सक्सेना सहित अन्य पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री और अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। फूलों की मालाओं और अभिनंदन से वातावरण में उत्साह और श्रद्धा का संचार हुआ।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब उप मुख्यमंत्री ने अन्य अतिथियों के साथ मिलकर नूतन बाल समाज द्वारा प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली स्मारिका का विमोचन किया। इस स्मारिका में गणेश उत्सव की परंपरा, इतिहास और समाज के योगदान का विस्तृत वर्णन है। पाठक ने नूतन बाल समाज की सराहना करते हुए कहा कि 103 वर्षों से लगातार चल रहा यह उत्सव समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक एकता का संदेश देता है।

स्थानीय निवासियों और भक्तों की भारी भीड़ ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। आयोजकों ने बताया कि उत्सव के शेष दिनों में और भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जो समाज को एकजुट रखने में सहायक होंगे। इस प्रकार गणेश उत्सव का छठा दिन धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक स्मृति और राजनीतिक सहभागिता का संगम बनकर क्षेत्रवासियों के लिए विशेष बन गया।

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