आबकारी घोटाला मामले में जांच एजेंसी की अपील याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआइ की तरफ से पेश हुए सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आरोप लगाते हैं और फिर भाग जाते हैं, ऐसे मुकदमेबाजों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता।एसजी ने यह बात मामले की सुनवाई स्थगित करने की केजरीवाल की मांग का विरोध करते हुए कही। अरविंद केजरीवाल और अन्य लोगों ने आरोप-मुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआइ की अपील पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।
साथ ही यह भी कहा कि मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष स्थानांतरित करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका भी दायर की है। इस पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने अनुरोध को स्वीकार करते हुए सभी पक्षकारों को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया।
छह अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
मामले पर अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी। आबकारी घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल व मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के निर्णय को सीबीआइ ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।इसके अलावा मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के बजाय किसी अन्य पीठ के समय स्थानांतरित करने की मांग की थी, जिसे हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश ने ठुकरा दिया था। अब इस मामले को लेकर केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका भी दायर की है।वहीं केजरीवाल की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि सीबीआइ अधिकारी के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियों पर रोक लगाने संबंधी हाई कोर्ट के निर्णय को चुनाैती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है।















