हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के अखाड़ा बाजार क्षेत्र में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां तेज बारिश के कारण भूस्खलन हुआ जिससे दो मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के समय इन मकानों में सात से आठ लोग मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। जानकारी के अनुसार सभी लोग नमाज पढ़ने के बाद एक ही कमरे में ठहरे हुए थे। अचानक पहाड़ी से गिरे मलबे ने मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और लोग उसके नीचे दब गए।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान एक शव को मलबे से निकाला गया, जिसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर निवासी महाराज के रूप में हुई है। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम लगातार राहत कार्य में जुटी हुई है। मलबा बहुत ज्यादा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया है। आशंका जताई जा रही है कि अभी भी छह लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के कारण पिछले कई दिनों से क्षेत्र में खतरा बना हुआ था। प्रशासन ने पहले भी सतर्क रहने की अपील की थी, लेकिन अचानक हुए भूस्खलन ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है और लोगों में दहशत व्याप्त है।
जिला प्रशासन ने मृतक के परिवार को प्राथमिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। वहीं घायलों का इलाज प्रशासन की देखरेख में करवाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान होने वाले खतरों की ओर इशारा करता है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश में कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुल्लू का यह हादसा लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय सतर्कता और सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं।















