पंजाब सरकार ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर Harbhajan Singh की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। इस फैसले के बाद उनके जालंधर स्थित आवास से सभी सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सुरक्षा वापसी का यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब आम आदमी पार्टी में आंतरिक मतभेद और टूट की अटकलें सामने आ रही हैं, जिसके चलते इस कदम को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इस फैसले को नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें समय-समय पर वीआईपी सुरक्षा का आकलन किया जाता है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर कई नेताओं और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा में बदलाव किया जाता है, और इसी क्रम में हरभजन सिंह की सुरक्षा श्रेणी में कटौती की गई है। लेकिन विपक्षी दलों ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दबाव और आंतरिक खींचतान से जोड़कर देखा है। वहीं, हरभजन सिंह की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि हरभजन सिंह को पहले उच्च सुरक्षा श्रेणी इसलिए दी गई थी क्योंकि वे एक प्रमुख सार्वजनिक व्यक्तित्व होने के साथ-साथ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। अब सुरक्षा हटाए जाने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में इस फैसले का राजनीतिक प्रभाव किस तरह सामने आता है और क्या इस पर कोई नया विवाद खड़ा होता है।















