प्रतापगढ़ में संजीवनी सेवा संस्थान और राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ ने संयुक्त रूप से संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती मनाई। इस अवसर पर गुरु रविदास के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार एवं सेवानिवृत्त सहायक अधिशाषी अधिकारी बलराम शर्मा, मुर्तजा जी बोहरा, दिलीप सिंह जी देवड़ा, कार्यक्रम समन्वयक अमर सिंह, जिला सहायक अनुसुइया मीणा, राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ के जिला अध्यक्ष तारु सिंह यादव, समाजसेवी यूनुस मंसूरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय मानवाधिकार महासंघ के जिला अध्यक्ष तारु सिंह यादव ने संत गुरु रविदास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके दोहे सुनाए। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने पराधीनता को पाप बताया और समानता का संदेश दिया। उनके अनुसार, जन्म के आधार पर कोई भी नीच नहीं होता, बल्कि व्यक्ति के कर्म उसे ऊँच या नीच बनाते हैं। संस्था के अमर सिंह ने भी गुरु रविदास का प्रसिद्ध दोहा— “ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोटे-बड़े सब सम रहें, रैदास रहे प्रसन्न”— प्रस्तुत कर समाज में समानता और न्याय की स्थापना के उनके योगदान को रेखांकित किया।इस अवसर पर उपस्थित सभी महानुभावों ने गुरु रविदास के विचारों और उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का संकल्प लिया।















