नोएडा में ‘वेतन की आग’ बेकाबू, फैक्ट्रियों से सोसायटियों तक फैला आंदोलन,

उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन अब व्यापक और उग्र रूप ले चुका है। फेज-2 के औद्योगिक क्षेत्रों से शुरू हुई यह चिंगारी अब रिहायशी सोसायटियों तक पहुंच गई है।मंगलवार को सेक्टर-121 और सेक्टर-74 की कई बड़ी सोसायटियों के बाहर घरेलू सहायिकाओं और सफाईकर्मियों ने प्रदर्शन किया, जिससे साफ है कि आंदोलन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और प्रशासन के लिए नई चुनौती खड़ी हो गई है।

मंगलवार को फिर भड़की हिंसा

वेतन वृद्धि को लेकर शुरू हुआ श्रमिक प्रदर्शन में सोमवार को हुई आगजनी और पथराव की घटनाओं के बाद मंगलवार सुबह भी हालात तनावपूर्ण बने रहे। औद्योगिक इकाइयों के बाहर बड़ी संख्या में श्रमिक एकत्र हुए और पूरे इलाके को घेरने की कोशिश की। जब पुलिस ने उन्हें समझाने और हटाने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

डीसीपी की गाड़ी पर हमला

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन उपद्रवियों ने डीसीपी की गाड़ी पर भी पथराव कर दिया। इसके बाद हालात संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा और इलाके में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।

चार दिन में 45 हजार श्रमिकों का प्रदर्शन

पिछले चार दिनों से जारी इस आंदोलन में जिले के 33 स्थानों पर करीब 45 हजार श्रमिकों ने प्रदर्शन किया। हिंसा और आगजनी की घटनाओं के बाद अब तक 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 350 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसके बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं।

बाहरी तत्वों और सोशल मीडिया साजिश का शक

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 50 से अधिक बाहरी तत्व शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने श्रमिकों को उकसाकर हिंसा फैलाने का काम किया। जांच में यह भी सामने आया है कि व्हाट्सएप ग्रुप, क्यूआर कोड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए एक संगठित नेटवर्क तैयार किया गया था। पिछले 24 घंटों में करीब 50 नए सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर भ्रामक और भड़काऊ संदेश फैलाए गए, जिनकी अब गहन जांच की जा रही है।

सोसायटियों में भी वेतन विवाद

मंगलवार को सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन और अन्य सोसायटियों के बाहर घरेलू सहायिकाओं ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस और सोसायटी प्रबंधन की मौजूदगी में बातचीत के बाद मामला शांत हो गया। कमेटी ने करीब 21 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया और हर महीने समय पर भुगतान का आश्वासन भी दिया।

श्रमिकों के अधिकारों पर जोर

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत ओवरटाइम पर अतिरिक्त भुगतान, साप्ताहिक अवकाश, काम करने पर डबल वेतन, समय पर सैलरी भुगतान और महिला सुरक्षा के लिए समितियों के गठन जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने पर जोर दिया गया है।

कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना आंदोलन

औद्योगिक क्षेत्रों से रिहायशी इलाकों तक फैले इस आंदोलन ने नोएडा में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी नई हिंसक घटना को रोका जा सके।

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