देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चल रही बहस के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर में जनता के बीच जाएंगे. वो इस 20 प्रतिशत एथनॉल वाले पेट्रोल पर जनता से राय लेंगे. केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि कल मैंने कहा था कि देश के सभी वहन निर्माताओं को चिट्ठी लिखकर पूछूंगा कि क्या उनके पुराने वाहनों में E20 ईंधन का इस्तेमाल किया जा सकता है? नुकसान होता है या नहीं?केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने तीन कंपनियों मारूति, टॉयोटा और हिरो को अलग से चिट्ठी लिखी है और 26 को अलग. इन तीनों ने सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि नुकसान नहीं होता, 3-4 फीसदी ही माइलेज का नुकसान होता है तो इनसे पूछा है कि अगर किसी ग्राहक का 10-15 फीसदी माइलेज घटता है या इंजन को नुकसान पहुंचता है तो उसे कवर करेंगे? बाकी 26 वाहन निर्माता कंपनियों से पूछा है कि क्या आपकी गाड़ियों में E-20 पेट्रोल से माइलेज या इंजन का नुकसान तो नहीं है, अगर ऐसा होता है तो उनको कौन कंपनसेशन देगा?
E20 पेट्रोल पर क्यों छिड़ी है रार?
E20 फ्यूल पर विवाद इस बात को लेकर है कि 2023 से पहले बनी ज्यादातर गाड़ियां E10 के लिए बनी हैं. कई लोग शिकायत कर रहे हैं कि E20 भरने के बाद गाड़ी की माइलेज 2-6% तक घट गई है. मतलब एक लीटर पेट्रोल से पहले जितना रन नहीं मिल रहा. E20 में ज्यादा एथनॉल होने से रबर के पार्ट्स खराब हो सकते हैं. ARAI की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है.हालांकि, यह रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है. उधर, सरकार का कहना है कि अब तक किसी गाड़ी में बड़ी खराबी का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि E20 पेट्रोल को लेकर कई गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं. एथनॉल मिश्रित ईंधन के कारण एक भी कार में कोई समस्या नहीं आई है.















