मुजफ्फरनगर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2025-26 की समीक्षा बैठक, बैंकर्स को दिए गए अहम निर्देश

मुजफ्फरनगर में विकास भवन स्थित सभा सभागार में उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी मौसम 2025-26 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सहित सभी जिला स्तरीय बैंकर्स तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़ी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य रबी फसलों के लिए फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करना और अधिक से अधिक पात्र कृषकों को योजना से जोड़ने को लेकर रणनीति तय करना रहा।उप कृषि निदेशक ने बैठक में मौजूद सभी बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपनेअपने क्षेत्र में पात्र कृषकों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की मार और अन्य जोखिमों से सुरक्षा कवच का कार्य करती है, इसलिए इसका लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचना चाहिए। बैंकर्स से यह भी कहा गया कि बीमा पॉलिसी से संबंधित जानकारी किसानों को सरल भाषा में समझाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति रहे।बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद मुजफ्फरनगर में रबी मौसम के लिए तीन प्रमुख फसलें अधिसूचित की गई हैं। गेहूं फसल के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित धनराशि 88,100 रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर किसानों को 1,321.50 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम देना होगा। सरसों फसल के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित धनराशि 74,200 रुपये तय की गई है, जबकि इसका प्रीमियम 1,113 रुपये प्रति हेक्टेयर रखा गया है। वहीं आलू फसल के लिए प्रति हेक्टेयर बीमित धनराशि 1,88,800 रुपये निर्धारित की गई है, जिसके सापेक्ष प्रीमियम राशि 9,400.40 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है।एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, लखनऊ के प्रतिनिधि ने बैंकर्स को योजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि जो कृषक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं, उनके लिए ऑप्ट आउट की अंतिम तिथि 24 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के बाद जिन कृषकों द्वारा ऑप्ट आउट फॉर्म पोर्टल पर अपलोड नहीं कराया जाएगा, उन्हें अनिवार्य रूप से फसल बीमा योजना से जोड़ दिया जाएगा। इस संबंध में बैंकर्स को निर्देश दिए गए कि वे समय रहते किसानों को जानकारी दें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।बैठक के अंत में उप कृषि निदेशक ने सभी संबंधित विभागों और बैंकर्स से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ जनपद के अधिक से अधिक किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts